टाटा, पतंजलि, अमेजन, बायजूस जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ गेमिंग प्लेटफॉर्म ड्रीम11 ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2020) के टाइटल अधिकार हासिल कर लिया है और इसके साथ ही सोशल मीडिया पर ये चर्रचा आम है कि इस कंपनी में चीनी कंपनी की हिस्सेदारी है। बता दें ड्रीम11 ने चीन की मोबाइल फोन निर्माता कंपनी वीवो की जगह ली, जिसे सीमा पर भारत-चीन के बीच तनाव के कारण प्रायोजन से हटना पड़ा। 

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बता दें  ड्रीम 11 भारतीय कंपनी है। इसकी स्थापना हर्ष जैन और भावित शेठ ने की है। सूत्रों के मुताबिक ड्रीम 11 के हितधारकों में शामिल इसके संस्थापक और 400 से अधिक कर्मचारी भारतीय हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक चाइना की टेक कंपनी टेन्सेंट ने 2018 में ड्रीम-11 में 10 करोड़ डॉलर ( उस वक्त के हिसाब से 720 करोड़ रुपए या मौजूदा हिसाब से 746 करो़ड़ रुपए) का निवेश किया था। चीनी नियंत्रण वाले हांगकांग की कंपनी स्टेडव्यू कैपिटल ने भी 2019 में 6 करोड़ डॉलर (448 करोड़ रुपए) निवेश किया था।

ड्रीम 11 से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

ड्रीम 11 स्पोर्ट्स ऐप है जो एंड्रॉयड और आईओएस के लिए उपलब्ध है। यह क्रिकेट अलावा फैंटेसी स्पोर्ट्स गेमिंग ऐप हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल और कबड्डी में भी है। 2008 में  बचपन के दोस्त हर्ष जैन और भावित सेठ ने Dream 11 की शुरुआत की। 2012 से Dream 11 फैंटेसी लीग भारत में लोकप्रिय होना शुरू हुआ और कंपनी ने इसकी जम कर मार्केटिंग की। 2018 में ही Dream 11 ने महेंद्र सिंह धोनी को अपना ब्रांड एंबेस्डर बना लिया और दिमाग से धोनी कैंपेन की शुरुआत कर दी और देखते ही देखते इसके 40 लाख तक यूजर्स हो गए।





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