आजकल लोगों के मेल पर आरबीआई का एक मेल आ रहा है। आरबीआई के इस कथित ईमेल में दावा किया गया है कि प्राप्तकर्ता ने संयुक्त राष्ट्र से COVID-19 मुआवजे के रूप में 1.60 करोड़ रुपये जीते हैं और पुरस्कार का दावा करने के लिए व्यक्तिगत और बैंक विवरण मांग रहे हैं। अगर 1.60 करोड़ रुपये के लालच में अपना व्यक्तिगत और बैंक विवरण दे देते हैं तो यकीन मानिए, आपके खाते में जो भी जमा-पूंजी है, वो खाली हो जाएगी। PIB Fact Check ने कहा है कि यह ईमेल फेक है। आरबीआई किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी के लिए जनता से कभी संपर्क नहीं करता।
An email allegedly from RBI claims that the recipient has won Rs 1.60 cr from UN as #COVID19 compensation and is asking for personal & bank details to claim the prize.#PIBFactCheck: This email is #Fake. @RBI never contacts the public asking for any type of personal information. pic.twitter.com/DKJeDlxOQZ
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) January 27, 2021
बता दें एक और दावा सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में किया जा रहा है कि केंद्र सरकार बेरोजगारों को प्रति माह 3800 रुपये तक का बेरोजगारी भत्ता दे रही है। यह दावा भी पूरी तरह फर्जी है और इसके बहकावे में न आए। केंद्र सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। कुछ दिन पहले वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा था कि केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री क्रेडिट योजना’ के तहत सभी महिलाओं के खाते में 3 लाख की नकद राशि दे रही है।
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इससे पहले कन्या सम्मान योजना के नाम पर हर महीने 2500 रुपये खातों में जमा होने का वीडियो वायरल हो रहा था। मोदी सरकार की योजनाओं के नाम पर सोशल मीडिया पर इस समय कई फर्जी वीडियो वायरल हो रहे हैं। ‘स्त्री स्वाभिमान योजना’ और ‘प्रधानमंत्री महिला सम्मान योजना’ के नाम पर लोगों को झांसा दिया जा रहा है। फैक्ट चेक में ऐसे कई ये दावे फर्जी साबित हो रहे हैं।







