इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) का विमानन ईंधन कारोबार 60 प्रतिशत तक उबर चुका है। घरेलू क्षेत्र की बिक्री के इस साल मार्च तक पूरी क्षमता हासिल कर लेने की उम्मीद है। कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लॉकडाउन लगाये जाने के बाद विमानन ईंधन की बिक्री ठप्प हो गयी थी। हालांकि, 25 मई 2020 से धीरे-धीरे विमानन सेवाएं शुरू होने से मांग में सुधार की शुरुआत हुई।

कोरोना वायरस के टीके से आई सकारात्मकता

इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक (विमानन) संजय सहाय ने कहा, अभी तक यह (विमानन ईंधन कारोबार) 60 प्रतिशत तक उबर चुका है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के टीके से सकारात्मकता आई है और इससे सुधार तेज होगा। भारत के औषधि नियामक ने रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड टीके और घरेलू कंपनी भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके के आपात उपयोग को मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि मार्च के अंत तक घरेलू क्षेत्र पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।

एनपीएस उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में थोड़ा और समय लग सकता है। सहाय ने कहा, कोरोना महामारी से पहले आईओसी की बिक्री 50 लाख मीट्रिक टन थी। हम बहुत तेजी से उबर रहे हैं। घरेलू एयरलाइंस बहुत अच्छा कर रही हैं। कई सारे नये विमानन मार्ग भी शुरू हुए हैं, जिनका हम समर्थन कर रहे हैं।



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