Insurance Policy:  इश्योरेंस दरअसल बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट है. इस अनुबंध के तहत व्यक्ति बीमा कंपनी को एक निश्चित रकम (प्रीमियम) देता है और इंश्योरेंस कंपनी उस व्यक्ति को पॉलिसी की शर्त के हिसाब से किसी नुकसान की स्थिति में हर्जाना देती है.

इंश्योरेंस खरीदते वक्त विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसा देखा गया है कि लोग इंश्योरेंस खरीदते वक्त कुछ गलतियां कर जाते हैं जिसकी वजह से वह धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी जरूरी बातों के बारे में बता रहे हैं

एजेंट के दावों की जांच करें
पॉलिसी बेचते वक्त बीमा एंजेट कई बड़े दावें करते हैं लेकिन जरूरी यह है की उनके हर दावे की आप खुद जांच करें. बिना पूरा पढ़ें पॉलिसी से जुड़े डाक्यूमेंट्स पर साइन न करें. अक्सर बीमा एजेंट यह भी कहते हैं कि सिर्फ आप साइन कर दें बाकी सब मैं कर दूंगा.  लेकिन आपको इस बात को नहीं मानना है बल्कि हर चीज अच्छी तरह से पढ़ने के बाद ही साइन करने हैं.

इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क साधें
बीमा उत्पाद के बारे सही जानकारी हासिल करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुद बीमा कंपनी में फोन करें. बीमा कंपनियों के 24 घंटे वाले टोल फ्री नंबर उपलब्ध हैं. इन नंबरों पर फोन कर सारी जानकारी जुटाई जा सकती है. 

सुरक्षित पेमेंट ऑप्शन
भुगतान का सबसे सुरक्षित ऑप्शन चुनना चाहिए. कैश भुगतान से जितना बचेंगे उतना अच्छा रहेगा. चेक, डेबिट और क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन तरीकों से पेमेंट करना बेहतर है. इन माध्यमों से भुगतान करने पर आपके पास एक प्रमाण होता है कि आपने किसे पैसा दिया हैं.

फर्जी कॉल
इंश्योरेंस के नाम पर फर्जी कॉल आना आजकल बड़ी समस्या बन गया है. फर्जी कॉल करने वाले आपको बड़े-बड़े ऑफर देने का लालच दे सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि प्रामाणिक बीमा चैनल से ही पॉलिसी खरीदें. ऑनलाइन पॉलिसी खरीदने का प्लान है  तो जांच लें कि बीमाकर्ता वेबसाइट का डोमेन असली है या नहीं.

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