वित्त मंत्रालय ने कहा है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) करदाता अपने क्रेडिट लेजर में उपलब्ध इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) के जरिये मार्च माह के जीएसटी बकाया का भुगतान कर सकते हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शनिवार को बयान में कहा, ”करदाताओं को मार्च माह के जीएसटी के भुगतान के लिए कानून के तहत इनपुट कर क्रेडिट का इस्तेमाल करने की अनुमति है। फरवरी में जीएसटी संग्रह लगातार पांचवें महीने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। फरवरी में जीएसटी संग्रह का आंकड़ा 1.13 लाख करोड़ रुपये रहा।
राज्यों को जीएसटी मुआवजे के पूरे 1.10 लाख करोड़ रुपये जारी
वित्त मंत्रालय ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे में कमी की भरपाई के लिए 4,104 करोड़ रुपये की अंतिम किस्त जारी कर दी है। इस तरह मंत्रालय इस वित्त वर्ष में इस मद में अनुमानित कमी के लिए समूची 1.10 लाख करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुका है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस 20वीं किस्त के साथ वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को मुआवजे में कमी की भरपाई को पूरी 1.10 लाख करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है। इनमें से 1,01,329 करोड़ रुपये राज्यों को तथा 8,879 करोड़ रुपये तीन संघ शासित प्रदेशों को जारी किए गए हैं। केंद्र ने जीएसटी लागू होने से राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों के राजस्व में 1.10 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित कमी को पूरा करने के लिए अक्टूबर, 2020 में राज्यों को कर्ज जुटाने की एक विशेष सुविधा दी थी।
राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की ओर से इस सूविधा के तक केंद्र बाजार से कर्ज जुटा कर उन्हें हस्तांतरित कर रहा था। इसकी शुरुआत 23 अक्टूबर, 2020 से हुई थी और 20 साप्ताहिक किस्तों के जरिये इसे पूरा कर लिया गया। बयान में कहा गया है कि इस सुविधा के तहत केंद्र सरकार ने कुल 1,10,208 करोड़ रुपये की राशि औसतन 4.8473 प्रतिशत की ब्याज दर पर जुटाई है।







