देश इस समय कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। जिसका बुरा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इस कठिन समय में अगर इनवेस्टमेंट की बात करें तो फिक्सड पर लोगों का विश्वास बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह है सिक्योरिटी के साथ-साथ बेहतर रिटर्न की गारंटी। लेकिन एफडी से बेहतर विकल्प भी हैं जहां इनवेस्टमेंट पर अच्छा रिटर्न मिलता है – 

एफएमपी म्यूचुअल फंड 

एफएमपी म्यूचुअल फंड की एक योजना है, जो डेट फंड (निश्चित रिटर्न वाले माध्यम) के तहत आती है। इसका अधिकांश हिस्सा म्यूचुअल फंड कंपनियां बॉन्ड और डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करती हैं। इसे अन्य स्कीम के मुकाबले अधिक सुरक्षित माना जाता है। इसमें निवेश की अवधि तीन-चार महीने से लेकर तीन चार साल तक की है।

कर की अधिक बचत : एफएमपी में टैक्स की अधिक बचत होती है। एफएमपी में इंडेक्सेशन बेनिफिट है, यानी टैक्स देने के बाद एफएमपी के जरिए ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। एफएमपी पर मिलने वाले लाभ/ रिटर्न को कैपिटल गेन कहा जाता है। एफडी में ब्याज आय को निवेशक की आय में जोड़ दिया जाता है और तय टैक्स स्लैब के आधार पर टैक्स लगता है।

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कम शुल्क: एफएमपी खरीदने-बेचने पर एक्सपेंस रेशियो काफी कम देना होता है। इसलिए इनमें निवेश की लागत कम आती है और मुनाफा अधिक मिलता है। इसकी तुलना में फिक्सड डिपाॅजिट स्कीम की मैच्योरिटी टैक्स दायरे में आती है। 

 डेट म्यूचुअल फंड

म्‍यूचुअल फंडों की तमाम कैटेगरी में डेट फंड एक हैं। डेट म्‍यूचुअल फंड फिक्‍स्‍ड इनकम सिक्‍योरिटी में पैसा लगाते हैं। इनमें बॉन्‍ड, गवर्नमेंट सिक्योरिटी, ट्रेजरी बिल और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर आदि शामिल हैं। डेट फंड उन निवेशकों के लिए उपलब्ध सबसे सुरक्षित निवेश साधनों में से एक हैं, जो बिना जोखिम के अपने निवेश पर अच्छा लाभ कमाना चाहते हैं। इसके अलावा, रिटर्न काफी स्थिर है, क्योंकि इक्विटी फंड में रिटर्न अस्थिर हैं। यहां रिटर्न रेट 7 से 9 प्रतिशत तक है। 

इसमें निवेश के लाभ

डेट फंड मुख्य रूप से सिक्योरिटी में निवेश करते हैं जो निश्चित ब्याज देते हैं, उनसे रिटर्न की गारंटी होती है। हालांकि, डेट फंड के खराब प्रदर्शन की सम्भावना नहीं है। यह तब होता है जब निवेशित सिक्योरटी की क्रेडिट रेटिंग कम होती है, या ब्याज दर की गति नकारात्मक होती है। डेट फंड में निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार पैसा लगा सकते हैं। निवेशक तीन से छह महीने के लिए डेट फंड में पैसा लगा सकता है और जब चाहे वह अपना निवेश निकाल सकता है।

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