By : ABP Ganga | Updated : 02 Oct 2020 04:31 PM (IST)

हाथरस में एबीपी नेटवर्क की पूरी टीम मौजूद है. हाथरस में चप्पे-चप्पे पर पुलिस है. पूरे गांव की बैरिकेडिंग कर मीडिया को जाने से रोक दिया गया है. सिर्फ मीडिया ही नहीं, देश के सांसदों को भी नहीं जाने दिया जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पर्देदारी है? क्या है जो यूपी सरकार इस गांव में छिपाना चाहती है ? सवाल बड़े हैं, क्योंकि पहले तो इस पूरे मामले में एक्शन ठीक से नहीं लिया गया. फिर लड़की की मौत हो गई, तो उसकी लाश चुपके से जला दी जाती है. फिर मुआवजे का मरहम लगाया जाता है. फिर डीएम परिवार को धमकाने पहुंच जाते हैं. फिर सफाई देते हैं कि धमकाया नहीं गया और अब मीडिया को परिवार से मिलने से रोक दिया जाता है. इतना ही नहीं, दो दिन बाद भी हाथरस की निर्भया की राख आज भी वहां पड़ी हुई है.



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