कोरोना काल में योगदान को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने डॉक्टरों और हेल्थवर्कर्स के लिए भारत रत्न की मांग की है, जो कोविड-19 के खिलाफ जंग में अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर उसका मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उन डॉक्टरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने कोरोना से जंग के दौरान अपनी जान गंवाई। बता दें कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च सम्मान है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘इस वर्ष ”भारतीय डॉक्टर” को भारत रत्न मिलना चाहिए। भारतीय डॉक्टर मतलब सभी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक। शहीद हुए डाक्टरों को ये सच्ची श्रद्धांजली होगी। अपनी जान और परिवार की चिंता किए बिना सेवा करने वालों का ये सम्मान होगा। पूरा देश इस से खुश होगा।’

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना वायरस संक्रमण से लोगों का जीवन बचाने के लिए चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा था कि उनकी सरकार ने देश में मजबूत चिकित्‍सा बुनियादी ढांचा विकसित करने पर सबसे अधिक जोर दिया है। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की ओर से आयोजित एक समारोह में देश के चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोविड-19 के खिलाफ जंग में जितनी चुनौतियां आईं, देश के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने उतने ही समाधान तलाशे और प्रभावी दवाइयां बनाईं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत कोरोना वायरस से जीतेगा और विकास के नये आयाम भी हासिल करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी एक जीवन का असमय समाप्त होना भी दुखद है किंतु भारत ने कोरोना से लाखों लोगों का जीवन बचाया है और इसका बहुत बड़ा श्रेय देश के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को जाता है। पिछले लगभग डेढ़ साल से कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”कोरोना से लड़ाई में जितनी चुनौतियां आईं, हमारे चिकित्सक और वैज्ञानिकों ने उतने ही समाधान तलाशें और प्रभावी दवाइयां बनाईं।

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