भारत केंद्रित विदेशी कोषों तथा एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड्स (ईटीएफ) से जून तिमाही में 1.5 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की गई। यह शुद्ध निकासी वाली लगातार नौंवीं तिमाही हो गई। मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। हालांकि, यह मार्च तिमाही में की गई निकासी की तुलना में काफी कम है। मार्च तिमाही में पांच अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की गई थी।
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इस कैलेंडर वर्ष के पहले छह महीने में 6.5 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की जा चुकी है। यह पिछले कैलेंडर वर्ष के पूरे 12 महीने में हुई 5.9 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी से ठीक-ठाक अधिक है। उल्लेखनीय है कि विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजारों में पैसे लगाने के लिये जिन तरीकों को चुनते हैं, उनमें भारत केंद्रित विदेशी कोषों तथा एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड मुख्य हैं। जून तिमाही के दौरान भारत केंद्रित विदेशी कोषों से 69.8 करोड़ डॉलर तथा एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड से 77.6 करोड़ डॉलर की निकासी की गई।
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भारत केंद्रित विदेशी कोषों में निवेश के प्रवाह को सामान्यत: दीर्घकालिक माना जाता है, जबकि एक्सचेंज ट्रेडिंग फंडों का प्रवाह अपेक्षाकृत कम अवधि का होता है। भारत केंद्रित विदेशी कोषों तथा एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड से फरवरी 2018 के बाद से लगातार निकासी की जा रही है। फरवरी 2018 से जून 2020 तक भारत केंद्रित विदेशी कोषों से 14.5 अरब डॉलर तथा एक्सचेंज ट्रेडिंग फंड से 4.2 अरब डॉलर की निकासी की जा चुकी है।







