उत्तराखंड त्रासदी: उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से मची तबाही में अबतक 36 लोगों की मौत हो गई है. वहीं अभी भी करीब 170 से ज्यादा लोग लापता हैं. बड़ी बात यह है कि तपोवन की साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सुरंग में अभी भी करीब 35 लोग फंसे हैं. इन लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन दिन रात चल रहा है.

इस वक्त टनल के क्या हालात हैं?

अभी 130 मीटर टनल साफ हो चुकी है. 180 मीटर की दूरी पर टर्न है. उम्मीद है कि फंसे लोग यहां हो सकते हैं, क्योंकि टर्न की वजह से हो सकता है कि वहां मलबा ना गया हो. सैलाब ने सबसे ज्यादा नुकसान एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट को पहुंचाया है. ये पावर प्रोजेक्ट तपोवन में बन रहा है और वहां दो टनल यानी सुरंगों का काम बड़े ही जोर शोर से चल रहा है. लेकिन ग्लेशियर टूटने के बाद जब 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जो पानी यहां पहुंचा, तो सुरंगों में कीचड़ भर गया.

टनल में सबसे बड़ा रेस्क्यू मिशन

प्रोजेक्ट में काम कर रहे मजदूर इस सुरंग में फंस गए, क्योंकि सैलाब के साथ आए मलबे ने सुरंग का मुंह बंद कर दिया. इसके बाद से ही युद्धस्तर पर सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने का काम चल रहा है. वैसे एनडीआरएफ, सेना और एसडीआरएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन से उम्मीद की किरण कल सुबह तब दिखनी शुरू हुई, जब एसडीआरएफ के जवानों ने नक्शे पर सुरंग का जायजा लिया और हर गुजरते घंटे के साथ बचाव दल मलबे के आखिर तक पहुंचने की कोशिश में लग गया.

आज और कल प्रभावित इलाके में ही रहेंगे सीएम रावत

मुख्यमंत्री से लेकर केंद्र सरकार में मंत्रियों का भी मौके पर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जोशीमठ पहुंच गए हैं. आज और कल सीएम प्रभावित इलाके में ही रहेंगे. इसके अलावा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह भी तपोवन ने भी कल एनटीपीसी प्रोजेक्ट का दौरा किया. उन्होंने बताया कि एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट का करीब 1500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

यह भी पढ़ें-

Farmers Protest: तेंदुलकर-अक्षय-विराट के ट्वीट की होगी जांच, जावड़ेकर बोले- महाराष्ट्र में देशभक्ति गुनाह हो गई?

Chocolate Day 2021: पार्टनर को दें खास किस्म की चॉकलेट, सेहत के लिए होगा फायदेमंद





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here