कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी ने कहा कि उत्तर कोरिया (uttar korea) के लोग दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के विश्वासघाती और चालाक व्यवहार से नाराज हैं, जिसके चलते उसने ये फैसला लिया है।
Edited By Abhishek Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
- उत्तर कोरिया ने पड़ोसी देश के साथ सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को बंद करने का फैसला लिया है
- उत्तर कोरिया ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने से लोगों को नहीं रोक पाने के लिए दक्षिण कोरिया की निंदा की थी
- इससे पहले किम जोंग उन की बहन ने चेतावनी दी थी कि अगर दक्षिण कोरिया ने विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उनका देश संबंध तोड़ लेगा
सियोल
उत्तर कोरिया ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने से अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया से उससे सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को खत्म करने का निर्णय लिया है। कोरियाई केंद्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने से लोगों को नहीं रोक पाने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया की निंदा की। इसके बाद उत्तर कोरिया ने सख्त ऐक्शन लेते हुए पड़ोसी देश के साथ सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को बंद करने का फैसला किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार को पहले कदम के रूप में, उत्तर कोरिया एक अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय में संचार की लाइन और राष्ट्रपति कार्यालयों के बीच हॉटलाइन को खत्म कर देगा। केसीएनए ने कहा कि उत्तर कोरिया के लोग दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के विश्वासघाती और चालाक व्यवहार से नाराज हैं, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
दक्षिण कोरिया ने हमेश चोट पहुंचाई
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने गैर-जिम्मेदाराना रूप से उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेतृत्व (किम जोंग उन) की गरिमा को चोट पहुंचाई है। यह हमारे सभी लोगों के लिए संकेत था कि हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठने की ज़रूरत नहीं है। इसके साथ ही अब दक्षिण कोरिया के साथ चर्चा करने के लिए कोई समस्या नहीं है, क्योंकि उन्होंने केवल हमारी निराशा को जगाया है।
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किम जोंग उन की बहन ने दी थी वार्निंग
बता दें कि इससे पहले किम जोंग उन की बहन ने चेतावनी दी थी कि अगर दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरियाई विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो उनका देश संबंध तोड़ लेगा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर कोरिया के साथ लगी दक्षिण कोरिया की सीमा से उत्तर कोरियाई विद्रोहियों द्वारा कई बार गुब्बारे उड़ाए जाते हैं। इन गुब्बारों पर तानाशाह किम जोंग उन के परमाणु कार्यक्रमों का विरोध होता है और भला-बुरा कहा जाता है। कई बार उनमें गाली भी लिखी होती है।







