मुंबई: NIA ने एंटीलिया के सामने वाहन में विस्फोटक रखने और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में कथित संलिप्तता के लिए पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस अधिकारी और शिवसेना नेता प्रदीप शर्मा को मुंबई में आज गिरफ्तार किया. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. जहां अदालत ने उन्हें 28 जून तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया.

एनआईए का दावा है कि प्रदीप शर्मा मनसुख हिरेन हत्याकांड के मास्टरमाइंड हैं. साथ ही सबूत मिटाने, साजिश में शामिल होने का आरोप है. वहीं प्रदीप शर्मा ने खुद को निर्दोष बताया है.

अधिकारी ने बताया कि एनआईए की टीम ने शर्मा को बुधवार की देर रात मुंबई के नजदीक लोनावाला से पकड़ा और उन्हें पूछताछ के लिए दक्षिण मुंबई स्थित एजेंसी के कार्यालय में लाया गया.

अधिकारी ने कहा, ‘‘एनआईए ने मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) में जे बी नगर स्थित उनके आवास पर सुबह छह बजे छापेमारी भी की और अभियान कई घंटे तक चला. अधिकारियों ने उनके आवास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए.’’

उन्होंने कहा कि कुछ घंटे तक पूछताछ के बाद एनआईए ने बृहस्पतिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया. मामले में शर्मा का नाम आने के बाद एनआईए ने करीब दो महीने पहले उनसे अपने कार्यालय में दो दिनों तक पूछताछ की थी. शर्मा पुलिस विभाग के पांचवें व्यक्ति होंगे जिन्हें एनआईए ने इस मामले में गिरफ्तार किया है. मामले में यह आठवीं गिरफ्तारी है. 

एजेंसी पहले पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, रियाजुद्दीन काजी, सुनील माने को गिरफ्तार कर चुकी है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. एजेंसी ने पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे को भी इस सिलसिले में क्रिकेट सटोरिया नरेश गोर के साथ गिरफ्तार किया था.

एनआईए ने 11 जून को उपनगर मलाड से संतोष शेलार और आनंद जाधव को गिरफ्तार किया था और कहा था कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के बाहर विस्फोटक रखा वाहन खड़ा करने के षड्यंत्र में उनकी भी संलिप्तता थी.

एसयूवी इस वर्ष 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई में अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर खड़ा पाया गया था. ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन ने दावा किया था कि वाहन उनका था, जो पांच मार्च को मुंब्रा क्रीक के पास मृत पाए गए थे.



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