एलआईसी ने दिसंबर तिमाही में कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई जबकि इस दौरान सेंसेक्स में कोविड के कररण बढ़ती अनिश्चितता के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश में गिरावट से सेंसेक्स में गिरावट आई थी। पिछली तिमाही के दौरान बीएसई 500 इंडेक्स में आधा फीसदी की गिरावट आई। ऐस इक्विटी के डेटा से पता चलता है कि एलआईसी ने बीएसई 500 इंडेक्स से 70 से अधिक कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई है। इंडेक्स को देखें तो पता चलता है एलआईसी की 200 से अधिक कंपनियों में हिस्सेदारी थी।

किन लार्ज कैप में बढ़ाई हिस्सेदारी 
लार्ज कैप की बात करें तो हीरो मोटोकॉर्प ने दिसंबर के अंत में एलआईसी की हिस्सेदारी 11.08 प्रतिशत तक पहुंच गई, यह 30 सितंबर 2021 तक 10.88 प्रतिशत थी। एलआईसी ने भी यूपीएल में अपनी हिस्सेदारी (10.12 प्रतिशत से 10.47 प्रतिशत) बढ़ाई। इसी तरह एलआईसी ने आईसीआईसीआई बैंक (7.59 फीसदी से 7.77 फीसदी), टाटा स्टील (6.33 फीसदी से 6.40 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (5.98 फीसदी से 6.13 फीसदी) और इंफोसिस (5.55 फीसदी से 5.67 फीसदी) में हिस्सेदारी बढ़ाई। 

और किन कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी 
एलआईसी ने भी पिछली तिमाही के दौरान पेंट की बड़ी कंपनियों में भी भरोसा दिखाया और कंसाई नेरोलैक में हिस्सेदारी को सितंबर तिमाही की 1.40 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.12 प्रतिशत कर लिया। एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी पहले के 1.49 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.85 प्रतिशत की। सेंट्रम ब्रोकिंग ने एशियन पेंट्स के लिए 3,690 रुपये का लक्ष्य रखा है। एलआईसी ने आयशर मोटर्स, श्री सीमेंट, एस्ट्रल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, डिविज लैब्स, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, यस बैंक, टेक महिंद्रा, अदानी टोटल गैस, अल्ट्राटेक सीमेंट, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स, टोरेंट पावर, आरती इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज में भी हिस्सेदारी बढ़ाई। इसके अलावा नेस्ले इंडिया, गोदरेज एग्रोवेट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचपीसीएल, हिंदुस्तान जिंक और इंफो एज, अडानी एंटरप्राइजेज, दीपक नाइट्राइट, कोफोर्ज, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, मैरिको, वेलस्पन कॉर्प, अल्केम लेबोरेटरीज, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) में भी LIC ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।



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