दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई, बेड और दवाओं की कमी के बारे में दिल्ली हाईकोर्ट में शनिवार को भी सुबह से ही सुनवाई जारी है। बत्रा अस्पताल ने आज हाईकोर्ट को बताया कि उनके यहां ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि हम आज सुबह 6 बजे से SOS में हैं। आज ऑक्सीजन की कमी के कारण दिल्ली के बत्रा अस्पताल में 8 कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि बहुत हो गया, अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दिल्ली को आवंटित अपनी 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति आज हर हाल में प्राप्त होनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि केंद्र बताए आदेश के बाद भी राजस्थान ने दिल्ली को 4 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर क्यों नहीं दिए। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अस्पतालों को कोरोना महामारी के दौरान सामने आई ऑक्सीजन संकट से जुड़े अनुभवों से सबक लेकर ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना करनी चाहिए। अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र को अनिवार्य बताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इनका न होना गैर जिम्मेदाराना है।

हाईकोर्ट का कहना है कि यहां बेड्स की किल्लत है। कोर्ट ने डीजीएचएस द्वारा संशोधित डिस्चार्ज नीति पर एक आधिकारिक आदेश नोट किया। कोर्ट ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे 10 दिन से अधिक समय तक रहने वाले भर्ती रहने वाले रोगियों और प्रतिदिन भर्ती और डिस्चार्ज होने वालों की संख्या के बारे में जानकारी दें।

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील अमित महाजन को लिंडे और अन्य से ऑक्सीजन की आपूर्ति पर केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात करने का निर्देश दिया। कई अस्पतालों ने कोर्ट को बताया कि उनके सप्लायर लिंडे एयर ऑक्सीजन प्रदान नहीं कर रहे हैं। 



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