पूर्व ऑस्ट्रेलियाई हरफनमौला डैन क्रिस्टियन ने नस्लवाद के मुद्दे पर कहा कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में नस्लवाद ‘सामने’ से नहीं होता, लेकिन यह निश्चित रूप से मौजूद है। दुनिया भर से विभिन्न खेलों के खिलाड़ी और टीमें एकजुट होकर ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ अभियान का समर्थन कर रह रहे हैं। क्रिस्टियन ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा कराई गई पैनल चर्चा ‘क्रिकेट कनेक्टिंग कंट्री’ पर कहा, ”मुझे लगता है कि (नस्लवाद) ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में मुद्दा है।”

उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि यह आपके सामने होता है जैसा आप दुनिया भर में किसी अन्य जगह या फिर आस्ट्रेलियाई संस्कृति में देख सकते हो, लेकिन यह निश्चित रूप से है।” उन्होंने कहा, ”यह अनौपचारिक नस्लवाद ज्यादा होता है। यहां वहां एक छोटी पंक्तियां, जो मजाक के लिए होती हैं। और इसमें से ज्यादा चीजें, मेरे लिये व्यक्तिगत रूप से, मेरे रंग को लेकर होती है और यह तथ्य कि मैं ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी नहीं दिखता, जो भी इसका मतलब हो। मेरे लिए सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात है।”

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सैंतीस साल के इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 19 वनडे और 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को निपटाने के लिए शिक्षा अहम चीज है। उन्होंने कहा, ”हमें खुद को शिक्षित करने की जरूरत है और साथ ही हमारे चारों ओर लोगों को भी शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।”

दूसरी ओर, जोंटी रोड्स का मानना है कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में लंबे समय से चला आ रहा प्रशासनिक संकट राष्ट्रीय टीम के उतार चढ़ाव वाले प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार है और वह मानते हैं कि ‘नस्ली असमानता’ अब भी देश के तंत्र का हिस्सा है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) को वित्तीय परेशानियों के साथ अपने खिलाड़ियों से नस्ली भेदभाव के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने पिछले महीने पद से इस्तीफा दे दिया। वह सात साल तक इस पद पर रहे जिस दौरान भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते रहे।





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