हाइलाइट्स
- ओडिशा के रायगड़ में लगा भूकंप का झटका, रिक्टर स्केल पर 3.6 तीव्रता
- रायगड़ के काशीपुर में आया भूकंप, फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं
- रविवार को भी पूर्वोत्तर भारत के करीब 5 राज्यों में भूकंप के झटके लगे थे
- देश की राजधानी दिल्ली में भी पिछले दो महीने में 14 भूकंप के झटके लगे हैं
भुवनेश्वर
ओडिशा के रायगड़ जिले में भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया है। काशीपुर इलाके में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.6 दर्ज की गई। नैशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के झटके सोमवार शाम 4 बजकर 40 मिनट पर लगे हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं है। इससे पहले पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। असम के गुवाहाटी समेत मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तक भूकंप के हल्के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.1 दर्ज की गई थी।
दिल्ली में काम नहीं आएगा यह तरीका
-
-आमतौर पर जब भी भूकंप की बात आती है तो बड़े-बुजुर्ग यही कहते हैं कि घर और ऑफिस से तुरंत बाहर निकल जाइए। ऐसे स्थान पर पहुंचिए जहां आस-पास बिल्डिंग, पेड़ और बिजली के खंबे ना हों। लेकिन हमारे मेट्रो सिटीज की जो हालत है, खासतौर पर दिल्ली की, वहां ऐसा स्थान आस-पास मिलना लगभग नामुमकिन है।Delhi earthquake prediction: दिल्ली में आ सकता है 6.5 तीव्रता का भूकंप
-
-भूकंप के झटके अचानक और बहुत तेजी से आते हैं। ऐसे में बहुमंजिला इमारत (मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स) में रहनेवाले लोगों को तो बाहर निकलने का भी समय नहीं मिल पाता है। तो इस स्थिति में आपको क्या करना चाहिए?-सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि भूकंप की स्थिति में कभी भी लिफ्ट का उपयोग ना करें। दूसरी बात सीढ़ियों की तरफ ना दौड़ें। क्योंकि आप भी जानते हैं कि आप कितनी भी स्पीड से दौड़ें जब तक बिल्डिंग से बाहर पहुंचेंगे भूकंप जा चुका होगा… या जो डैमेज होना होगा हो चुका होगा।दो महीने में 14 बार झटके, दिल्ली-एनसीआर में बड़े भूकंप की आशंका
-
-कारण कोई भी हो अगर आप भूकंप के समय दौड़कर किसी खुले मैदान की तरफ नहीं जा सकते हैं तो अपनी बिल्डिंग में ही किसी ऐसे कॉर्नर में जाकर दीवार से सटकर खड़े हो जाएं जो कॉर्नर आपके फ्लैट का ही नहीं बिल्डिंग का भी कॉर्नर हो।-डिजास्टर मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स के अनुसार, किसी भी बिल्डिंग का कोना, वह सबसे सुरक्षित जगह होती है, जहां बिल्डिंग गिरने के बाद भी इंसान सुरक्षित और जीवित रह सकता है।Delhi Earthquake: दिल्ली में फिर आया भूकंप, पिछले दो महीने में 14वीं बार लगे झटके-इसका कारण यह है कि बिल्डिंग के कॉर्नर्स में दोनों तरफ लोहे के पिलर्स लगे होते हैं। जो भूकंप की स्थिति में भी आमतौर पर नहीं गिरते हैं। दूसरी बात, जब भी कोई बिल्डिंग गिरती है तो उसके कॉर्नर्स उस बिल्डिंग का वो आखिरी हिस्सा होते हैं जो सबसे बाद में गिरते हैं।-यानी इस स्थिति में अगर व्यक्ति ऊंचाई से गिरता भी है तो उसके मलबे में दबने के चांस कम हो जाते हैं। ऐसे में जाहिर तौर पर उसकी जिंदगी बचने की संभावना बढ़ जाती है।ये 3 तरह का प्रदूषण आपको दे सकता है 30 तरह की बीमारियां!
-
-कॉर्नर साइड में खड़े होने के साथ ही आप अपने सिर के ऊपर तुरंत कोई मोटा तौलिया या चादर लपेट लें। क्योंकि इस तरह के हादसों के दौरान ज्यादातर मृत्यु सिर की गंभीर चोटों और मलबे में दबने के कारण ही होती हैं। अगर व्यक्ति इन दो भयानक स्थितियों से बचा रहे तो उसके जीवित और सुरक्षित रहने की संभावना बढ़ जाती है। दिल पर भारी पड़ता है इस पोजिशन में बैठे रहना
-
-ट्रैफिक पुलिस से डरकर आपने बहुत बार हेलमेट पहना होगा। लेकिन इस बार भूकंप की स्थिति में हेलमेट पहन लीजिएगा। हेलमेट हमारे सिर को गंभीर चोटों से बचाता है। क्योंकि शरीर का बाकी कोई भी अंग क्षतिग्रस्त होने पर रिकवरी की संभावना होती है। लेकिन ब्रेन में लगी चोट की स्थिति में एक्सपर्ट्स भी कुछ नहीं कह पाते हैं!कब्ज दूर करने के आसान और घरेलू तरीके
-
-अगर आप किसी भी बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं या सिंगल स्टोरी बिल्डिंग में रहते हैं तो सबसे पहले घर के सारे इलैक्ट्रिक स्विच बंद कर दें। जैसे फ्रिज, कूलर, एसी, गीजर, हीटर , फैन आदि सब कुछ तुरंत बंद करें। ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में करंट ना फैले।-इसके तुरंत बाद घर से निकलकर बाहर आ जाएं। यदि आपके घर की गली संकरी हो और मेन रोड तक आने में अधिक वक्त लगता हो तो आप डायनिंग टेबल या तखत जैसे फर्नीचर के नीचे छिप जाएं। अपने सिर पर हेलमेट पहनना या मोटा टॉवल बांधना ना भूलें।लिवर की धुलाई कर चमका देती हैं ये 6 ड्रिंक्स
-
-जिस समय भूकंप आ रहा हो अगर आप उस समय ड्राइविंग कर रहे हों तो जहां हों वहीं कार रोककर सड़क पर खुली जगह में आ जाएं। अगर आप फ्लाइओवर पर हैं तो तुरंत गाड़ी साइड लगाकर बाहर निकल जाएं। जितना हो सके आस-पास की बिल्डिंग्स और पेड़ों से दूर रहें।सड़ी गर्मी में भी फ्रिज में नहीं रखने चाहिए ये फल और सब्जियां
दिल्ली में दो महीने में लगे भूकंप के 14 झटके
दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में पिछले दो महीने से लगातार भूकंप के हल्के झटके लग रहे हैं। इससे लोगों में पैनिक फैल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों की शुरुआत 12 अप्रैल (3.5 तीव्रता) से हुई। तब से अबतक अलग-अलग दिन 14 बार झटके लग चुके हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। ये किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं।