पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रहने वाले एक परिवार का दावा है कि उनका बेटा गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC)पार कर गया और भारतीय सीमा में घुस आया। 14 साल के लड़के के परिजन अब अपने बेटे के लिए बेचैन हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगा रहे हैं कि उनके बेटे को रिहा कर दिया जाए।

इस लड़के का नाम अब्दुल समाद बताया जा रहा है। पुंछ के नजदीक पिछले साल नवंबर के महीने में इस लड़के को पकड़ा गया था। लाहौर में समाद के एक रिश्तेदार ने ‘न्यूज 18’ से बातचीत में कहा कि उनका भतीजा अपने पालतू कबूतरों से बेहद प्यार करता है।

25 नवंबर को वो इस परिंदे का पीछा करते-करते भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया। समाद के मामा अरदाब अली ने कहा कि समाद का घर एलओसी से कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित एक गांव टटरीनोट में है। यह जगह पुंछ-रावलकोट रोड के नजदीक चकन-दा-बाग क्रॉसिंग प्वाइंट पर स्थित है।

समाद के रिश्तेदारों का कहना है कि बच्चे को जानवर को पालने का शौक है। उसके पास एक कुत्ता भी है। उस दिन उसने अपने कबूतरों को आजाद किया था और उनके पीछे-पीछे गलती से भारत में घुस आया। वो सिर्फ एक बच्चा है और उसे यह नहीं पता था कि वो एलओसी पार कर जाएगा।

बता दें कि समाद पीओके में स्थित स्टार्स स्कूल सिस्टम टटरीनोट में 9वीं क्लास का छात्र है। समाद की मां का निधन हो चुका है। उसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी रचा ली थी। इसके बाद से समाद अपने दादा-दादी के साथ रहता है। समाद के मामा के मुताबिक लड़के का पूरा परिवार घबराया हुआ है और भारत से उसे रिहा कर देने की अपील कर रहा है। 

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि सरकार को इस नाबालिग के मामले के बारे में जानकारी है। लेकिन अभी तक पाकिस्तान की तरफ से समाद को लेकर किसी तरह की राजनयिक या आधिकारिक मदद की पेशकश नहीं की गई है।

बताया जा रहा है कि समाद को पुंछ में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया था जहां से उसे बाल गृह में भेज दिया गया है। इधर पाकिस्तान उच्चायोग ने नई दिल्ली में कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।



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