हाइलाइट्स:

  • कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
  • कोर्ट ने केंद्र को निर्देश जारी कर वैक्सीन ट्रायल को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी
  • हाई कोर्ट ने मास्क को लेकर आईसीएमआर की गाइडलाइन्स का ब्योरा भी मांगा

प्रयागराज
कोरोना वायरस से जूझ रहे देश को स्वदेशी वैक्सीन को लेकर उम्मीद जगी है। कई फार्मा कंपनियों की वैक्सीन फेज 3 ट्रायल के दौर से गुजर रही है। इन वैक्सीन के इंसानों पर असर और साइड इफेक्ट्स की जांच की जा रही है। उम्मीद तो यह भी जताई जा रही है कि अक्टूबर अंत तक कोरोना वैक्सीन (corona vaccine trial) को लेकर कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र को निर्देश जारी कर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में मानक से खराब मास्क मिलने की शिकायतों का भी संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने मास्क को लेकर आईसीएमआर की गाइडलाइन्स का ब्योरा मांगा है।

लखनऊ-गोरखपुर में होगा COVAXIN का फेज-3 ट्रायल
भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। COVAXIN के शुरुआती दो चरणों का ट्रायल सफल रहा है और अब तीसरे चरण के ट्रायल के लिए लखनऊ के पीजीआई अस्पताल और गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज को चुना गया है। पिछले हफ्ते ही अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।

अगले महीने से फेज 3 का ट्रायल, 25-30 हजार लोग होंगे शामिल
भारत बायोटेक अक्टूबर महीने से कोवैक्सिन के फेज 3 ट्रायल की शुरुआत करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी इस वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक, फेज 3 में 25-30 हजार लोगों पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। वैक्सीन के फेज-2 ट्रायल अभी चल रहे हैं। कंपनी की ओर से पहले फेज के ट्रायल के रिजल्ट ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया के साथ शेयर किए जा चुके हैं।



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