Edited By Bharat Malhotra | आईएएनएस | Updated:

दाऊद बैकफुट पर

कराची

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के चहेते मंत्री अली हैदर जैदी ने जब शनिवार को सिंध के एक विपक्षी मंत्री पर ड्रग कारोबार को पनाह देने का आरोप लगाया तो यह भुट्टो परिवार पर कोई फौरी राजनीतिक हमला नहीं था। जैदी ने दूसरे दिन एक ट्वीट में बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी-सिंध में सत्ताधारी) को ‘अपहरण, उगाही, भ्रष्टाचार…यहां तक कि हत्या’ में संलिप्त बताया।

भारत और पूरी दुनिया में माना जाता है कि बंदरगाह शहर कराची की सत्ता अंडरवर्ल्ड डान दाऊद इब्राहिम के इशारे पर चलती है। लेकिन सिंध में, अली हैदर जैदी की तरह कई लोगों का मानना है कि संगठित अपराध पाकिस्तान के इस बड़े शहर में मंत्रियों के गुटों के रूप में फैल गया है। इस प्रांत में पीपीपी सत्ता में है।

भुट्टो परिवार पर विपक्षी दलों द्वारा यह आरोप लगाया जाता रहा है कि वे अंडवर्ल्ड डॉन उजैर बलूच को संरक्षण देते रहे हैं, जबकि वह 150 लोगों की हत्या में संलिप्त रहा है। उजैर अभी कराची सेंट्रल जेल में बंद है और जेल से ही अपने गैंग का संचालन करता है।

भारत का मोस्ट वांटेड भगोड़ा दाऊद इब्राहिम, बताया जाता है कि पॉश क्लिफ्टन इलाके में रहता है और वह ड्रग, उगाही, फिरौती के लिए अपहरण जैसे अपराधों को लेकर स्थानीय प्रतिद्वंद्विता से लगातार खुद को दूर रखे हुए है। दाऊद की कुख्यात डी-कंपनी इंटरनैशनल सिंडिकेट क्राइम और हवाला ऑपरेशंस पर ज्यादा फोकस करता है।

अभी तक डी कंपनी का ल्यारी गैंग्स से कोई विवाद सामने नहीं आया है। ल्यारी कराची में स्थित घनी आबादी वाला इलाका है। ल्यारी आपराधिक गिरोहों, ड्रग्स और बंदूक के कारोबार के लिए कुख्यात है। इस समय, उजैर बलूच(41) से संबद्ध ल्यारी गैंग्स का इस बंदरगाह शहर पर राज है और जहां अंडरवर्ल्ड मुख्य रूप से अफगानिस्तान से मादक पदार्थों की तस्करी पर फल-फूल रहा है।

उजैर 2013 में लाइमलाइट में तब आया था, जब उसने अंडवर्ल्ड के दिग्गज पप्पू अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। करांची पुलिस के रिकार्ड के अनुसार, उजैर पॉश डिफेंस हाउसिंग एरिया(डीएचए) में 20 हथियारबंद लोगों के साथ उसके घर गया और अशरफ व उसके दो साथियों का पहले अपहरण कर लिया और फिर बाद में हत्या कर दी।

पाकिस्तान और ईरान की दोहरी नागरिकता रखने वाला उजैर दोनों देशों के बीच शिफ्टिंग करने के दौरान अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करता था। इस खूंखार गैंगस्टर को नियंत्रित करने के लिए, अधिकारियों ने 2017 में जासूसी के एक मामले में इसे सेना को सौंप दिया था।

इसबीच, समुद्री मामलों के संघीय मंत्री अली हैदर जैदी ने मीडिया के साथ एक वीडियो साझा किया है, जिससे उजैर और भुट्टो परिवार के नापाक रिश्ते का खुलासा होता है। जैदी ने पीपीपी अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी को बेनकाब करने के लिए जान हबीब नामक एक इनसाइडर के बयान वाला एक वीडियो जारी किया है। जियो टीवी के अनुसार, जान हबीब ने खुलासा किया है कि पीपीपी उजैर के कहने पर पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर करती रही है।

पहले 2016, फिर 2017 अब 2020 में फिर 'मरा' दाऊद इब्राहिमपहले 2016, फिर 2017 अब 2020 में फिर ‘मरा’ दाऊद इब्राहिम

जान ने आरोप लगाते हुए कहा है, ‘यह सच है। आईजी सिंध का ट्रांसफर भी किया गया था और आंतरिक मंत्रालय रहमान मलिक के रूप में उसके दरवाजे पर खड़ा रहता था।’ वीडियो में जान ने दावा किया है कि उजैर निजी तौर पर जरदारी से मिल चुका है।

उसने कहा, ‘जरदारी ने उजैर से मुलाकात की और यह एक महत्वूर्ण बैठक थी। उजैर ने मुझे बुलाया और कहा कि जरदारी ने उसे बुलाया है और उससे मुलाकात करना चाहता है। उसे कादिर पटेल के साथ उसे जरदारी से मुलाकात करने जाना होगा। जरदारी अपने तथाकथित भाई उजैर को ल्यारी से चुनाव लड़वाना चाहते थे।’

इमरान खान के करीबी सहयोगी जैदी के आरोप ने कराची में लोगों का ध्यान अंडरवर्ल्ड की तरफ केंद्रित कर दिया है। चर्चा में केवल ल्यारी गैंग्स हैं, जो बाद में डी-कंपनी को पीछे धकेल सकता है, जिसका पाकिस्तान में राजनीतिक नेतृत्व के साथ निकट संबंध है।



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