चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान गुलज़ार अहमद ने कराची में चल रहे प्रशासकीय कार्यों को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। पाकिस्तान में शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि कराची में एक बड़ी साजिश चल रही है शहर को बर्बाद करने के लिए। ‘The Express Tribune’ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि चीफ जस्टिस प्रांतीय जमीनों के रिकॉर्ड के कम्प्यूटराइजेशन से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। चीफ जस्टिस ने कहा कि जिला रेवेन्यू कलेक्टर सिंध के मंत्री बन गए थे। सिंध रेवेन्यू बोर्ड के एक सदस्य ने अदालत को बताया कि थाटा जिले को छोड़कर अन्य सभी जगहों से संबंधित रिकॉर्ड को संग्रहित कर लिया गया है। इसपर अदालत ने कहा कि यह अजीब है कि तीन साल से थाटा जिले के रिकॉर्ड को संग्रहित नहीं किया जा सका है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने हजारों जमीनी विवाद को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि इसी की वजह से जमीन की लूट-खसोट मची हुई है। सुनवाई के दौरान तल्ख टिप्पणी करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘इस सदी में भी ऐसा सिस्टम चल रहा है। इसके नाम पर कराची में अरबों रुपए बनाए जा रहे हैं। आखिर कराची का सर्वे कब होगा? रेवेन्यू बोर्ड सबसे ज्यादा भ्रष्ट संस्थान है। जमीन की लूट-खसोट इसी के सदस्यों की वजह से मची हुई है।’ इसी के साथ अदालत ने प्रक्षेत्र के रेवेन्यू बोर्ड को तीन महीने के अंदर सभी रिकॉर्ड्स को कम्प्यूटर पर अपलोड करने, सरकारी जमीनों को खाली कराने और उनपर पार्क विकसित करने का आदेश भी दिया।
अदालत ने कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन के कामकाज पर भी नाराजगी जाहिर की। चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘केएमसी के कर्मचारी कभी काम करते हुए नजर नहीं आते। केएमसी एक खोखला ऑथोरिटी है। ऐसे ऑथोरिटी की वजह से कराची के बहुमूल्य धरोहर नष्ट हो जाएंगे। कराची तबाह हो जाएगा।’ चीफ जस्टिस गुलज़ार अहमद ने सिंध में सार्वजनिक स्थलों पर अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को लेकर भी नाराजगी जाहिर की और सिंध की सरकार को फटकार लगाया।
सुप्रीम कोर्ट में सिंध शाहरा-ए-फैसल पर एक टावर के निर्माण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस गुलजार अहमद ने टिप्पणी की कि एक यूनुस मेमन कनाडा से सिंध सरकार को चला रहा है। चीफ जस्टिस ने सिंध सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा, ‘अगर आप एक नाला साफ नहीं कर सकते हैं, तो आप एक प्रांत कैसे चला सकते हैं।’ चीफ जस्टिस ने कहा, ‘सिंघ में भवन नियंत्रण प्राधिकरण है, जिसका काम इन सब सिविक इश्यूज को ठीक करना है लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। असल में सिंध में कोई सरकार नहीं है।’







