कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने बुधवार को कहा कि राज्य में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में येदियुरप्पा ने कहा, ”लॉकडाउन के अलावा सभी अन्य कदम उठाए जाएंगे। कुछ शहरों में हमने पहले ही रात में कर्फ्यू लगा दिया है। अगर जरूरत पड़ी तो हम कुछ और जिलों में भी इसे लागू करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अगले कदमों पर विपक्षी दल के नेताओं से सलाह-मशविरा करेंगे और उनके सुझावों पर विचार करेंगे। उन्होंने सप्ताहांत में लॉकडाउन लगाने से भी इनकार कर दिया। येदियुरप्पा ने बेलगावी लोकसभा सीट और मस्की तथा बासवकल्याण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के एक दिन बाद 18 अप्रैल को विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाई है।

इस बीच, विपक्षी दलों ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों का समाधान लॉकडाउन नहीं है क्योंकि इससे जिंदगी और मुश्किल होगी। कांग्रेस नेता सिद्दरमैया ने कहा, लॉकडाउन कोई समाधान नहीं है। पहले यह पहचान करनी होगी कि यह बीमारी कैसे फैलती है और इसके अनुसार इलाज उपलब्ध कराना चाहिए।

विपक्ष ने सरकार को घेरा
उन्होंने कहा, कोरोना वायरस के मामले कम होने पर सरकार ने नियमों में छूट दी जिसके कारण मामले अब फिर बढ़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संक्रमण के मामले कम होने पर राज्य सरकार ने जांच घटा दी। विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि अगर सरकार लॉकडाउन लगाना चाहती है तो उसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के एक करोड़ परिवारों के खाते में दस-दस हजार रुपये जमा कराने चाहिए।

सर्वदलीय बैठक पर सरकार की ओर से कोई निमंत्रण नहीं मिला
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अभी तक सर्वदलीय बैठक पर सरकार की ओर से कोई निमंत्रण नहीं मिला है। जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार को अस्पतालों में रेमेडिसिविर जैसी आवश्यक दवाओं और बिस्तरों की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए क्योंकि ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि महीने के अंत तक कोविड-19 के एक दिन में 20,000 तक मामले आ सकते हैं।



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