जम्मू-कश्मीर के गुपकार गठबंधन के दलों ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से 24 जून को बुलाई गई मीटिंग में शामिल होने का फैसला लिया है। लंबे समय तक चली अगर-मगर के बाद मंगलवार को फारुक अब्दुल्ला के घर में हुई ऑल पार्टी मीटिंग के बाद यह फैसला लिया गया। बीते सप्ताह ही पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से जम्मू-कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक दलों को मीटिंग का न्योता दिया गया था। तब से ही चर्चा चल रही है कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने, परिसीमन कराने जैसे मुद्दों पर बात हो सकती है। हालांकि अब तक केंद्र सरकार की ओर से मीटिंग के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहा नहीं गया है। 

जम्मू-कश्मीर से अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की राज्य के राजनीतिक दलों के साथ यह पहली मीटिंग होने वाली है। गुपकार ने मंगलवार को अपनी मीटिंग में फैसला लिया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में महबूबा मुफ्ती, मोहम्मद तारिगामी साहब और डॉ अब्दुल्ला शामिल होंगे। यह महाबैठक पूर्व केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला के आवास पर हुई। मीटिंग के बाद डॉ अबदुल्ला ने कहा, “महबूबा जी, मोहम्मद तारिगामी साहब और मैं पीएम द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे। हमें उम्मीद है कि हम अपना एजेंडा पीएम और गृह मंत्रालय के सामने रखेंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में 24 जून को होने वाली बैठक में उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत 14 नेताओं को प्रधानमंत्री की इस बैठक में शामिल होने का न्योता मिला है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि पीएम मोदी की इस मीटिंग में गुपाकर के नेता कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने  के मुद्दे पर बात कर सकते हैं।

5 अगस्त, 2019 के बाद से जम्मू और कश्मीर के राजनीतिक दलों के साथ पीएम मोदी की यह पहली बातचीत होगी। जब केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य की विशेष स्थिति को निरस्त कर इसे केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।

 

 

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