कांग्रेस पार्टी से बगावत कर चुकीं रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह लगातार पार्टी घेर रही है। अब उन्होंने कमला नेहरू एजुकेशनल सोसायटी की जमीनों को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। अदिति सिंह ने कमला नेहरू एजुकेशनल सोसायटी में आर्थिक गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) को पत्र लिखकर की हैं।

बागी विधायक अदिति सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा है कि बच्चियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के नाम पर ज़मीन ली गई, दशकों बाद भी उसका कोई इस्तेमाल नहीं किया। और अब उस जमीन को करोड़ो में बेचने की फिराक में हैं। कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी के उस फर्ज़ीवाड़े और भारी पैसे की गड़बड़ी की जांच के लिए मैने आज आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखा है।

न्यूज 18 चैनल से बात करते हुए अदिति सिंह ने कहा है कि मैंने सोसायटी में आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के लिए ईओडब्लू को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि जिस उद्देश्य के लिए कमला नेहरू एजुकेशनल सोसायटी का गठन हुआ था, वो कभी पूरा नहीं हुआ। सोसायटी को जो जमीन दी गई उसका उपयोग लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी नहीं किया गया। उन्होंने आगे कहा कि जमीन का फ्रीहोल्ड बदलाव गैरकानूनी है क्योंकि यहां लगभग 150 दुकानें हैं जिनसे 600 लोगों को रोजगार मिलता है।

कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की स्थापना 1976 में रायबरेली के सिविल लाइंस इलाके में सिधौली के एक कैलाश चंद्र से 1135 रुपए के वार्षिक किराए पर की गई थी। इस सोसायटी में शामिल आठ सदस्यों की अब मौत हो चुकी है। जिसमें नई दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के ससुर उमाशंकर दीक्षित, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निजी सहायक यशपाल कपूर, और पूर्व मंत्री शीला कौल शामिल हैं। 2003 में, एक नई समिति गठित की गई, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और वरिष्ठ वकील ललित भसीन के साथ कौल परिवार के सदस्य शामिल थे।
 





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