Narmada Ke Pathik: मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की चार साल पहले हुई नर्मदा यात्रा पर लिखी गई पुस्तक का आज भोपाल में विमोचन हुआ. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने धुर विरोधी अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ की. सिंह ने इस यात्रा की याद को साझा करते हुए बताया कि जब उनका काफिला गुजरात पहुंचा तो वहां विधानसभा चुनाव हो रहे थे. अनेक वैचारिक असहमतियों के बावजूद गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को मेरे पास भेजा था ताकि इस धार्मिक यात्रा के दौरान दुर्गम रास्तों में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.

नर्मदा के पथिक नामक इस किताब का विमोचन कार्यक्रम भोपाल के विधानसभा सभागार में हुआ. इस पुस्तक में दिग्विजय सिंह, उनकी पत्नी अमृता राय और उनके सहयात्रियों के अनुभवों का लेखा जोखा संकलित है. इस पुस्तक में नर्मदा की महिमा से लेकर बदहाली तक का वर्णन है. साथ ही नर्मदा किनारे रहने वाले लोगों की पीड़ा भी बताई गई है.

पुस्तक की प्रस्तावना में दिग्विजय सिंह ने लिखी है, ‘यह सिर्फ एक यात्रा वृत्तांत ही नहीं बल्कि एक ऐसा साक्षी दस्तावेज भी है जिसमें नर्मदा के तट पर बसने वाले लोगों के जीवन, धर्म, सामाजिक रीति-रिवाज, परंपराएं, मान्यताएं, उत्सवों और त्योहारों से जुड़े सभी पहलुओं का अद्भुत समावेश किया गया है.’ पुस्तक शिवना प्रकाशन से छपी है और इसे लिखा है दिग्विजय सिंह के निजी सचिव और नर्मदा यात्रा के सहयात्री ओपी शर्मा ने. 

शिवना प्रकाशन के प्रमुख और चर्चित साहित्यकार पंकज सुबीर इस पुस्तक को लेकर कहते हैं कि यह एक अलग तरह की किताब है. उनके मुताबिक इस पुस्तक में नर्मदा के किनारे की संस्कृति, बोली, भाषा, खान-पान, रीति रिवाज, त्योहार इन सारी चीजों को समाहित किया गया है. इसे पढ़ने के बाद नर्मदा परिक्रमा करने की इच्छा जागृत होती है.

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