उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस की एक टीम पर बदमाशों ने अंधाधुन गोलियां चला दीं, जिसमें डीएसपी देवेंद्र मिश्रा और थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। पुलिस की यह टीम हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिए गई थी।
लखनऊ
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस की एक टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिसमें डीएसपी देवेंद्र मिश्रा और थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसे यूपी पुलिस पर एक बहुत बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की यह टीम हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिए गई थी। उसके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हैं। अचानक हुई इतनी बड़ी घटना से यूपी पुलिस हिल गई है। एसटीएफ ने मौके पर मोर्चा संभाला हुआ है। फरेंसिक टीम भी यहां छानबीन में जुट गई है।
पुलिस की टीम जब इस हिस्ट्री शीटर के यहां दबिश देने पहुंची तो दुबे की गैंग के लोग यहां घात लगाकर पुलिस का इंतजार कर रहे थे। इससे पहले पुलिस अपनी कार्रवाई को अंजाम देती कि इन अपराधियों ने उस पर गोलियां बरसा दीं। गैंग के सदस्यों ने पुलिस को चारों ओर से घेर लिया था। पुलिस को ऐसे हमले की उम्मीद नहीं थी। बताया जा रहा है कि विकास दुबे यहां से फरार हो गया है। पुलिस ने राज्य के सभी बॉर्डर सील कर दिए हैं।
गैंगस्टर विकास दुबे
कानपुर के डीएम ने बताया कि पुलिस की इस टीम में एक सीओ, एक एसओ, 2 एसआई और 4 जवान शहीद हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर शोक जताया है। सीएम ने डीजीपी एचसी अवस्थी को अपराधियों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने इस घटना की रिपोर्ट भी मांगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वारदात रात करीब एक बजे हुई। घटनास्थल से AK-47 के खोखे मिले हैं। किसी भी पुलिसकर्मी के पास कोई प्रोटेक्टिव गियर नहीं था।







