हाथरस कांड की पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए गांव पहुंचने की कोशिश करने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राजस्थान में इसी तरह की घटना पर वे वे चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन हाथरन में ड्रामा कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कि योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) जांच का आदेश दिया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह रेप केस है या नहीं, यह भी यूपी पुलिस की ओर से बता दिया गया है। गौरतलब है कि यूपी पुलिस ने कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीड़िता से रेप के सबूत नहीं मिले हैं।

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, ”राजस्थान पर चुप रहने की कांग्रेस की पॉलिसी क्या है, जहां इसी तरह की घटना हुई है? राहुल और प्रियंक गांधी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन हाथरस में ड्रामा कर रहे हैं। यह कैसे काम करेगा?”

इस बीच मोदी सरकार की पूर्व मंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने योगी आदित्यनाथ से कहा कि हाथरस मामले में उत्तरप्रदेश पुलिस की संदिग्ध कार्रवाई से आपकी, राज्य सरकार की और भाजपा की छवि खराब हुई है। उन्होंने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा, ”मैं आपसे आग्रह करती हूं कि नेताओं, मीडियाकर्मियों को हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए।”

थावर चंद गहलोत ने साधी चुप्पी
उत्तर प्रदेश के हाथरस सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता के हिंदू रीति-रिवाजों के खिलाफ रात में कथित रूप से जबरन दाह संस्कार पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को कुछ भी कहने से इनकार किया। उन्होंने पीड़िता के गांव में मीडिया का प्रवेश रोके जाने को लेकर भी टिप्पणी से परहेज किया।

गहलोत ने यहां इस बारे में पूछे गए सवालों पर संवाददाताओं से कहा, “किन परिस्थितियों में ये घटनाएं हो रही हैं, किन परिस्थितियों में (मीडिया को) रोका जा रहा है और किन परिस्थितियों में (रात के वक्त पीड़िता का) अंतिम संस्कार किया गया, मैं इस बारे में कुछ भी कहना नहीं चाहता।” गौरतलब है कि हाथरस में सामूहिक बलात्कार की शिकार 19 वर्षीय दलित लड़की की मौत इस घटना के पखवाड़े भर बाद दिल्ली के एक अस्पताल में हो गई थी और बुधवार रात उसका दाह संस्कार कर दिया गया था। उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने रात में उसका जबरन अंतिम संस्कार करा दिया।
 



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