हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास जिस युवक को जिंदा जलाया गया था उनकी मौत हो गई है। इस मामले में अब हरियाणा सरकार ने कड़ी कार्रवाई किये जाने की बात कही है। हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई और आगे की जांच की जा रही है। जो लोग भी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

बता दें कि जींद के कसार के रहने वाले 42 साल के युवक मुकेश को लेकर उनके भाई ने आरोप लगाया था कि मुकेश को किसान आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शनस्थल के पास जिंदा ही आग में झोंक दिया गया था। उन्होंने इस घटना में शामिल कुछ लोगों का नाम भी लिया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा है कि मृतक युवक का पोस्टमार्टम किया गया है। तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। इस मामले में मृतक युवक के भाई की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत पहले केस दर्ज किया गया था। लेकिन बाद में इसे 302 (हत्या) में तब्दील कर दिया गया। 

इस मामले में मृतक परिवार वालों का आरोप है कि मुकेश की मौत में 4 लोगों का हाथ है। यह चारों लोग दिल्ली के समीप टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल थे। मृतक युवक के भाई ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कहा है कि बुधवार की शाम को मुकेश के आग के हवाले कर दिया गया। शिकायत के मुताबिक घटना के वक्त चारों आरोपी युवक नशे की हालत में थे। 

जिंदा आग में झोंके जाने की वजह से मुकेश बहुत ही बुरी तरह से झुलस गए थे। गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि, अभी यह पता नहीं चल सका है कि आरोपियों ने मुकेश को क्यों जिंदा जलाया? अभी इस बात की जांच चल रही है। चारों आरोपियों में से एक आरोपी की पहचान कर ली गई है और यह युवक जींद का रहने वाला बताया जा रहा है। इस मामले में पीड़ित परिवार के लोगों ने गुरुवार को प्रदर्शन भी किया और मृतक के आश्रितों के लिए मुआवजे की मांग भी की।  



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