बीते 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने बिहार रेजीमेंट के जवानों पर धोखे से हमला कर दिया। संख्या में काफी कम होने के बावजूद बिहार रेजीमेंट के जवानों ने हार नहीं मानी। चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला करते हुए कई चीनी सैनिकों को ढेर कर दिया। बिहार रेजीमेंट की इस बहादुरी ने पूरी दुनिया को सोच में डाल दिया है तो वहीं भारत का सिर पूरे विश्व के समक्ष शान से ऊंचा कर दिया है।

Edited By Ashok Upadhyay | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

हाइलाइट्स

  • गलवान में घाटी में सोमवार के दिन बिहार के 20 सैनिकों को धोखे से चीनी सैनिकों ने मौत के घाट उतारा था
  • बिहार रेजीमेंट के जवानों ने इस धोखेबाजी का चीनी सैनिकों को मुंह तोड़ जवाब दिया और डटकर मुकाबला किया
  • बिहार के सपूतों ने 18 चीनी सैनिकों की गर्दन तोड़ी तो कई जवानों को बुरी तरह घायल कर दिया
  • बिहार रेजीमेंट की बहादुरी की प्रशंसा सेना की नॉर्दन कमांड ने अपने आफिशियल ट्वीटर अकाउंट से की है

नई दिल्ली

गलवान में 15 जून को चीनी सैनिकों के धोखे का जवाब जिस तरह से बिहार रेजीमेंट के जवानों ने दिया है। उसकी प्रशंसा न केवल देश में बल्कि दुनिया में हो रही है। बिहार रेजीमेंट के जवानों ने अपनी हिम्मत और शौर्य से दुनिया को बता दिया है कि एक भारतीय सैनिक अन्य देशों के 100 सैनिकों के बराबर है। उधर, बिहार के सपूतों ने एक बार फिर बिहार की धरती बलिदान के रक्त से सराबोर होने का मौका दिया है।



सोशल मीडिया पर सेना ने किया बिहार रेजीमेंट का बाखान
उधर, भारतीय सेना ने पहली बार किसी रेजीमेंट के जवानों के अदम्य साहस का बाखान सोशल मीडिया पर किया है। जाहिर है कि बिहार रेजीमेंट की बहादुरी और शौर्य ने भारतीय सेना को भी दुनिया के शक्तिशाली देशों के सामने गौरावान्वित महसूस कराया है। उसी का नतीजा है कि बिहार रेजीमेंट की बहादुरी की सराहना खुद नॉर्दन कमांड ने अपने आफिशियल ट्वीटर अकाउंट से की है।

बिहार रेजीमेंट के जवानों का जन्म लड़ने के लिए हुआ है

बिहार रेजीमेंट की तारीफ में एक विडियो शेयर करते हुए बताया गया है कि बिहार रेजीमेंट के जवानों का जन्म लड़ाई के लिए ही हुआ है। ये हर परिस्थिति में दुश्मनों को मात देने की हिम्मत रखते हैं। विडियो में कहा गया है कि साल 1948, 1965, 1971 और 1999 को कभी नहीं भूलना चाहिए, जब बिहार रेजिमेंट के जवानों ने भारत की ओर आंख उठाकर देखने वाले दुश्मनों का नामो निशान मिटा दिया था। वीर कुंवर सिंह और बिरसा मुंडा जैसे बहादुरों का इतिहास बिहार रेजीमेंट की ताकत को बताने के लिए काफी है।

सीओ संतोष बाबू के शहीद होने के बाद बिहार रेजीमेंट ने दिखाया रौद्र रूप

मंगलवार के इंतजार में हैं सैनिक

गलवान में घाटी में सोमवार के दिन बिहार के 20 सैनिकों को धोखे से चीनी सैनिकों ने मौत के घाट उतारा था। इसके जवाब में भारतीय सेना की तरफ से चीन को जवाब दिया गया है कि हर सोमवार के बाद मंगलवार आता है और मंगलवार बजरंग बली का दिन होता है।

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साजिश के तहत रेजीमेंट के जवानों को चीनी सैनिकों ने घेरा

बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर 15 जून को दोनों देशों की सेनाओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। चीनी सैनिकों ने सोची-समझी साजिश के तहत भारतीय सैनिकों पर पथराव के साथ ही रॉड से हमला किया। इस दौरान एक कमांडिग अफसर समेत भारत में 20 जवान शहीद हो गए। वहीं, इस झड़प में चीन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था। जानकारी के अनुसार, चीन कै सैन्य यूनिट के कमांडिग अफसर समेत 40 सैनिकों को भारतीय जवानों ने ढेर कर दिया था।

Web Title after teaching china a lesson, the indian army brazenly praised the bihar regiment on social media(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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