पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव का केस लड़ने के लिए भारतीय वकील की नियुक्ति वाली भारत की मांग के मुद्दे पर अपने स्थानीय कानून में बदलाव के किसी भी विकल्प को खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाक ने साफ कर दिया है कि इस मामले में वो अपने स्थानीय कानून कोई बदलाव नहीं करने जा रहा है। 

दरअसल, पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भारत को कुलभूषण के लिए वकील नियुक्त करने का दूसरा मौका दिया था। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने भारत को एक और मौका देते हुए सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है।

बता दें कि इससे पहले भी, पाकिस्तान ने भारतीय वकील को नियुक्त करने की मांग खारिज कर दी थी। पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफीज चौधरी ने था, ‘इस देश की अदालत में भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी भारतीय वकील को अनुमति देना कानूनी रूप से संभव नहीं है।’ 

उन्होंने कहा था कि भारतीय पक्ष जाधव का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी भारतीय वकील को अनुमति देने की असंगत मांग कर रहा है। हमने बार-बार उन्हें कहा है कि केवल वे वकील ही अदालत में जाधव का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जिनके पास पाकिस्तान में वकालत करने का लाइसेंस है। 

ऐसा है पूरा मामला
पाकिस्तान झूठा दावा करता आया है कि जाधव को जासूसी के आरोप में 2016 में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था, जबकि भारत पाक के इस पैंतरेबाजी को खारिज कर चुका है। भारत पहले भी और आज भी यह कहता रहा है कि जाधव को चाबहार के ईरानी बंदरगाह से अगवा किया गया था। 2017 की शुरुआत में, एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई। मई 2017 में, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने उनकी फांसी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद पिछले साल जुलाई में, 15-1 के वोट से आईसीजे ने भारत के इस दावे को सही ठहराया था कि पाकिस्तान ने कई मामलों में कॉउसंलर रिलेशंस पर वियना कन्वेंशन के नियमों का उल्लंघन किया है।





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