राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को किसानों के बारे में बोलने के दौरान काफी सावधानी बरती चाहिए। अमेरिकी गायिका रिहाना और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग सहित कुछ विदेशी शख्सियतों के प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में ट्वीट के बाद तेंदुलकर और प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर सहित विभिन्न हस्तियों ने सोशल मीडिया पर इंडिया टुगैदर और इंडिया अगेन्स्ड प्रोपेगैंडा हैश टैग से सरकार के रुख के समर्थन में ट्वीट किए थे।

तेंदुलकर और मंगेशकर जैसी हस्तियों की ओर से किसान आंदोलन के संबंध में प्रतिक्रिया दिए जाने के सवाल पर पवार ने कहा कि लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, मैं सचिन तेंदुलकर को सुझाव दूंगा कि उन्हें अन्य क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर बयान देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

पवार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों को खालिस्तानी और आतंकवादी कहकर आंदोलन को बदनाम कर रही है। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, ये प्रदर्शनकारी किसान हैं जोकि हमारे देश का पेट भरते हैं। इसलिए, इन्हें खालिस्तानी या आतंकवादी कहना उचित नहीं है।

बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा और विदेशी ताकतें इससे दूर रहें। तेंदुलकर ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी ताकतों की भूमिका दर्शक तक ही सीमित हैं न कि हिस्सेदार की। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की भी अपील की।
 



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