केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी – पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने खुद मंगलवार को एक ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘यह पीएचडी की यात्रा मुझे स्थूल ज्ञान से सूक्ष्म ज्ञान की तरफ ले लगई है। यह मेरे जीवन की बहुत अहम उपलब्धि है। विश्वविद्यालय मेरे गाइड तथा शोधयात्रा में मेरा सहयोग देने वाले सभी का धन्यवाद करता हूं।’ यहां बता दें कि केंद्रीय मंत्री ने सामुदायिक विकास और भविष्य की चुनौतियों में ग्राम विद्यापीठों की भूमिका पर पीएचडी की उपाधि हासिल की है। केंद्रीय मंत्री को यह डिग्री महाराजा कृष्णकुमार सिंह जी भावनगर विश्वविद्यालय से मिली है। 

केंद्रीय मंत्री की उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की तरफ से भी ट्वीट किया गया। विश्वविद्यालय की तरफ से ट्वीट कर कहा गया, ‘हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारे विद्यार्थी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सामुदायिक विकास और भविष्य की चुनौतियों में ग्राम विद्यापीठों की भूमिका पर पीएचडी की उपाधि हासिल की है। केंद्रीय मंत्री ने 18 दिसंबर, 2017 से PhD की पढ़ाई की शुरुआत की थी। 1 अक्टूबर, 2021 को उनकी पीएचडी डिग्री पूरी हुई है। 

इससे अलग केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को यूनिसेफ की वैश्विक रिपोर्ट द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन 2021- ऑन माई माइंड : प्रमोटिंग, प्रोटेक्टिंग एंड केयरिंग फॉर चिल्ड्रन्स मेंटल हेल्थ को जारी किया। मांडविया ने कहा कि सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान परिवार होता है और परिवारों को चाहिए कि वे बच्चों को इस तरह की किसी भी समस्या के उभरने पर उसके बारे में खुल कर बात करने के लिए प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि आजकल परिवार के बच्चों और बड़ों में बहुत कम बातचीत होती है। मांडविया ने कहा ​कि यह महत्वपूर्ण है कि परिवार के सभी सदस्य साथ बैठें और माता-पिता को अपने बच्चों के साथ दोस्तों की तरह बर्ताव करना चाहिए ताकि बच्चे स्वतंत्रता से बात कर सकें. बड़ों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर भी करीब से नजर रखनी चाहिए।
 



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