कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकतंत्र को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन और लीबिया के मुअम्मर गद्दाफी भी चुनाव जीतते थे। अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय के साथ ऑनलाइन बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, ”सद्दाम हुसैन और गद्दाफी भी चुनाव करवाते थे और उन्हें जीतते थे। ऐसा नहीं था कि लोग वोटिंग नहीं करते थे, लेकिन उस वोट की सुरक्षा के लिए कोई संस्थागत ढांचा नहीं होता था।”
उन्होंने कहा कि चुनाव सिर्फ यह नहीं है कि लोग जाएं और वोटिंग मशीन पर बटन दबा दें। चुनाव एक अवधारणा है। चुनाव संस्था हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि देश में ढांचा ठीक से चल रहा है। चुनाव वह है कि न्यायपालिका निष्पक्ष हो और संसद में बहस हो। इसलिए वोटों के लिए ये चीजें जरूरी हैं।
कांग्रेस नेता ने दो विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में स्वतंत्रता और लोकतंत्र की स्थिति की आलोचना किए जाने के संदर्भ में कहा कि देश को इन संस्थाओं से मुहर की जरूरत नहीं है, लेकिन यहां हालात इनकी कल्पना से कहीं ज्यादा खराब हैं। प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय के साथ बातचीत में राहुल ने यह दावा भी किया कि अगर कोई फेसबुक और वॉट्सऐप को नियंत्रित कर सकता है तो फिर लोकतंत्र नष्ट हो सकता है। उनसे अमेरिकी संस्था ‘फ्रीडम हॉउस’ और स्वीडन की संस्था ‘वी डेम इंस्टिट्यूट’ की भारत के संदर्भ में की गई हालिया टिप्पणी के बारे में सवाल किया गया था।
Saddam Hussein and Gaddafi used to have elections. They used to win them. It wasn’t like they weren’t voting but there was no institutional framework to protect that vote: Congress leader Rahul Gandhi
— ANI (@ANI) March 16, 2021
राहुल गांधी ने कहा, ”ये विदेशी समूह हैं और भारत को इन समूहों की मुहर की जरूरत नहीं है, लेकिन यहां हालात इनकी कल्पना से कहीं ज्यादा खराब हैं।” राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र पर जोर देते हैं और उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि कांग्रेस में चुनाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया, “बीजेपी सांसदों ने मुझे बताया कि वे संसद में खुली बहस नहीं कर सकते। उन्हें बताया जाता है कि क्या कहना है। यह बिलकुल सीधी बात है।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “हम भयंकर रूप से नौकरी की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि यह समस्या हल नहीं हुई तो भारत उस वैश्विक स्थिति में नहीं होगा, जहां वो चीन से आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके।” राहुल गांधी ने कहा, ”लाखों लोग गांवों से शहरों की ओर आते हैं। हमें उनके लिए कुछ करने की आवश्यकता है, उन्हें एक दृष्टि देने की आवश्यकता है। वो चाहे कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार करके हो या सेवाओं में सुधार करके।







