ऑर्गनाइजर के पूर्व एडिटर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी आर. बालाशंकर के उस बयान के बाद बवाल मच गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि केरल में सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच एक सीक्रेट अंडरस्टैंडिंग है। अलापुझा जिले के चेंगन्नूर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी का टिकट नहीं मिलने के बाद बालाशंकर ने कहा कि राज्य के उनके नेताओं की वजह से उनका नाम कट गया। ये नेता ऑर्गनाइज्ड माफिया के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कम से कम तीन निर्वाचन क्षेत्रों-चेंगन्नूर, अरनमुला और रन्नी में दोनों के बीच एक डील होने का संदेह है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की पहली दो सीटों पर बड़ी उपस्थिति है, लेकिन वह वहां सीपीआईएम को मदद कर सकती है, जिसका फायदा उसे रन्नी पर मिलेगा, जहां पर केरल के बीजेपी प्रमुख के सुरेंद्रन चुनाव लड़ रहे हैं। सुरेंद्रन इस समय दो सीटों से चुनावी मैदान में हैं। एक-पठानमथिट्टा के रन्नी और उत्तरी केरल के मंचेश्वरम।
उन्होंने बीजेपी की स्टेट यूनिट पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वर्तमान नेतृत्व के साथ ही बीजेपी आगे बढ़ती है तो फिर राज्य में उसका कोई भविष्य नहीं है। पार्टी के नेता नायर सर्विस सोसायटी और कई ईसाई संप्रदायों सहित कई संगठनों के साथ मेरे तालमेल को लेकर काफी जलन महसूस कर रहे हैं। मेरे पास जीत का पक्का मौका है, लेकिन राज्य के नेता इसे कभी नहीं चाहते थे।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व उनकी उम्मीदवारी के लिए उत्सुक था, लेकिन राज्य के नेताओं ने इस पर पानी फेर दिया। बता दें कि हाल ही में मलनकरा ऑर्थोडॉक्स चर्च ने हाल ही में लोगों से अलापुझा जिले के चेप्पड़ में 1000 साल पुराने चर्च को बचाने के लिए बालाशंकर को वोट देने का आग्रह किया था। दावा किया गया था कि इस बात को वह गडकरी के सामने लेकर गए थे, जिसके बाद चर्च को बचा लिया गया।
हालांकि, बीजेपी के राज्य प्रमुख सुरेंद्रन ने बालाशंकर के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, ”उनके आरोप कोई जवाब दिए जाने के लायक नहीं हैं।” उन्होंने दावा किया कि बालाशंकर कभी भी उम्मीदवारी की रेस में नहीं थे और न ही प्रदेश की यूनिट ने बीच में कोई हस्तक्षेप किया। वहीं, कांग्रेस ने भी इस मामले में हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी के आरोप सही साबित हुए। विपक्ष के उम्मीदवार रमेश ने कहा कि हम दोनों के बीच में सीक्रेट अंडरस्टैंडिंग की बात कहते आए हैं। सोना तस्करी समेत कई मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी धीरे काम कर रही है। अब यह आरोप आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी ने भी लगा दिए हैं।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट फिर से सत्ता में आने को तैयार है, तो ऐसे में विपक्षी नए दावे कर रहे हैं। बालाशंकर का दावा इसी सबका हिस्सा है। आने वाले समय में इस तरह के आधारहीन आरोप और सामने आएंगे।







