प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख के जिस हॉस्पिटल में गलवान में घायल जवानों से मिले उसपर सवाल उठ रहे थे। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे थे कि वहां किसी चीज की सुविधा जैसा कुछ नहीं दिख रहा। इसपर अब रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया है।
Edited By Vishnu Rawal | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
नई दिल्ली
लद्दाख के हॉस्पिटल जिसमें घायल जवानों को रखा गया है उसपर उठ रहे सवालों पर अब रक्षा मंत्रालय ने सफाई दी है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल हॉस्पिटल जाकर उन घायल जवानों से मिले। बाद में फोटोज सामने आईं तो कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि यह कैसा हॉस्पिटल है जिसमें न कोई डॉक्टर है, ना कोई ऑक्सिजन, ड्रिप की सुविधा है आदि-आदि। इसपर अब रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि वहां घायल जवानों को कोरोना के खतरे को देखते हुए क्वारंटाइन करके रखा गया था।
सोशल मीडिया पर विपक्षी पार्टी के नेताओं समेत कई यूजर्स लद्दाख हॉस्पिटल पर सवाल उठा रहे थे। ऐसी बातों को रक्षा मंत्रालय ने दुर्भावनापूर्ण और निराधार बताया है। कहा गया कि सवाल उठाना कि जवानों को कैसे ट्रीटमेंट दी जाती है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी जवानों को हमारी तरफ से बेस्ट सुविधा दी जाती है। बताया गया कि जहां पीएम मोदी जवानों से मिले वह जनरल हॉस्पिटल कॉम्पलेक्स का ही हिस्सा है।
आगे बताया गया कि घायल जवानों को गलवान से वापस आने के बाद से ही कोरोना के खतरे को देखते हुए क्वारंटाइन में उस जगह पर रखा गया है। बताया गया कि जब आर्मी चीफ एम एम नरवणे और आर्मी कमांडर वहां पहुंचे थे तो वे भी जवानों से उसी जगह पर मिले थे।







