अयोध्या (Ayodhya News) में मुस्लिम भक्तों (Muslim Ram Bhakt) में भी राम मंदिर (Ram Temple Construction) के निर्माण को लेकर उत्साह है। कोई छत्तीसगढ़ में अपने गांव से मंदिर निर्माण के लिए ईंटें ला रहा है, तो वहीं कोई मुस्लिम राम भक्त 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन में शामिल होने की तैयारी कर रहा है।
Edited By Shefali Srivastava | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:
- दशकों तक विवाद के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से घट रही है हिंदू- मुस्लिम के बीच की दूरियां
- राम मंदिर निर्माण को लेकर मुस्लिम राम भक्तों में भी उत्साह, 5 अगस्त को अयोध्या आएंगे मुस्लिम भक्त
- राम को इमाम-ए-हिंद मानते हैं कई मुस्लिम, कई राजपूतों ने आगे चलकर इस्लाम धर्म अपना लिया था
अरशद अफजाल खान, अयोध्या
यूं तो अयोध्या में हिंदू और मुस्लिम के बीच जमीन को लेकर दशकों तक विवाद रहा लेकिन अब राम मंदिर के निर्माण से दोनों धर्मों के बीच दूरियां कम होती दिख रही हैं। मुस्लिम भक्तों में भी राम मंदिर के निर्माण को लेकर उत्साह है। फैज खान छत्तीसगढ़ में अपने गांव से मंदिर निर्माण के लिए ईंटें ला रहे हैं, वहीं तीन अन्य मुस्लिम राम भक्त 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले भूमि पूजन में शामिल होंगे।
हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने करीब पांच मुस्लिम भक्तों राजा रईस, वासी हैदर, हाजी सईद, जमशेद खान और आजम खान से बात की। ये सभी राम को इमाम-ए-हिंद और कई राजपूतों का पूर्वज मानते हैं जिन्होंने आगे चलकर इस्लाम को अपना लिया। फैजाबाद निवासी जमशेद खान ने बताया, ‘हमने इस्लाम अपनाया और इस्लाम के अनुसार ही हम प्रार्थना करते हैं लेकिन धर्म बदलने से हमारे पूर्वज नहीं बदल जाते। राम हमारे पूर्वज थे और हम अपने हिंदू भाइयों के साथ इसे मनाएंगे।’
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इमाम-ए-हिंद थे भगवान राम
सईद अहमद मक्का से हज करके लौटे हैं। वह एक समर्पित मुस्लिम हैं लेकिन साथ ही राम भक्त भी। वह कहते हैं, ‘हम भारतीय मुस्लिम मानते हैं कि राम इमाम-ए-हिंद थे और मैं अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के दौरान मौजूद रहूंगा।’ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अवध प्रांत के इंचार्ज डॉ. अनिल सिंह ने बताया कि फैज खान छत्तीसगढ़ से ईंट लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया, ‘देशभर से कई मुस्लिम कारसेवक अयोध्या आकर जश्न में शामिल होंगे।’
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गर्भगृह में जाने का मिला मौका तो होगा आशीर्वाद
फैजाबाद के राशिद अंसारी बताते हैं, ‘अगर हमें गर्भगृह में जाने का मौका मिलता है जहां शिलान्यास किया जाएगा तो यह हमारे लिए आशीर्वाद की तरह होगा। अगर सुरक्षा वजहों से हमारा प्रवेश रोका जाता है तो हम बाहर से जश्न का हिस्सा बनेंगे।’
5 अगस्त को होगा भूमि पूजन







