केंद्र सरकार के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष के आरोपों पर सफाई दी है। इसके अलावा कोझिकोड हादसे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के बाद सारी डिटेल्स पब्लिक की जाएंगी।
Edited By Shreyansh Tripathi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
- केरल विमान हादसे के बाद बरामद हुआ दुर्घटनाग्रस्त एयरक्राफ्ट का ब्लैक बॉक्स
- हादसे के बाद केंद्र सरकार ने एयरक्राफ्ट ऐक्ट के तहत दिए जांच के आदेश
- मंत्री हरदीप सिंह पुरी बोले- इशू फ्लैग कराना डीजीसीए का एक रूटीन कामकाज
- विपक्ष के आरोपों पर किया पलटवार, कहा- पब्लिक करेंगे जांच की सारी डिटेल्स
तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली
कोझिकोड के हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुए विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है। इस मामले में केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार शाम इस बात की जानकारी देते हुए कहा है कि इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और इसमें जो भी बातें सामने आएंगी उन्हें देश के सामने रखा जाएगा।
‘बिना पता लगाए सवाल उठा रहा विपक्ष’
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को विपक्ष के तमाम आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोगों ने ने कोझिकोड विमान हादसे के तथ्यों का पता लगाए बगैर इस घटना के बारे में सवाल उठाए हैं। कोझिकोड हवाईअड्डा ऑपरेटर ने डीजीसीए द्वारा नियमित रूप से उठाए जाने वाले मुद्दों, जैसे कि रबर का जमा होना, पानी का प्रवाह अवरुद्ध होना, हवाईपट्टी पर दरार पड़ना आदि का समाधान किया है। रबर का जमा होना, हवाईपट्टी पर दरार पड़ना जैसी चिंताएं प्रकट करना डीजीसीए का सामान्य कार्य है। यह इन्हें दुरुस्त करने को सख्ती से सुनिश्चित करता है। सभी से संयम रखने, गैर जिम्मेदाराना अवलोकन पर आधारित अटकलें लगाने से दूर रहने की अपील की जाती है। जो लोग मीडिया की खबरों में जगह पाना चाहते हैं, सांविधिक जांच के नतीजे का इंतजार करें। उसके बाद तथ्यों के आधार पर मुद्दे की तफ्तीश करें।
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अलर्ट करना डीजीसीए का रूटीन काम: मंत्री
मंत्री ने कहा कि डीजीसीए कई बार एयरपोर्ट्स को लेकर इशू रेड फ्लैग करता है, जिसका समाधान एयरपोर्ट ऑपरेटर करते हैं। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को ये समझना चाहिए कि ऐसे इशू को सामने रखना ही डीजीसीए का काम है और इसे मुद्दा बनाना जरूरी नहीं है।
हादसे का शिकार विमान नहीं था वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट
मंत्री ने ये भी स्पष्ट किया कि जो विमान हादसे का शिकार हुआ था वो कोई वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट नहीं, बल्कि बी-737-800 एयरक्राफ्ट था। पुरी ने कहा कि कोझिकोड के एयरपोर्ट पर हर साल करीब 32 लाख लोग ट्रैवल के लिए आते हैं और हर रोज यहां से 70-80 विमानों का संचालन होता है। कुल विमानों में से सिर्फ 4 फीसदी एयरक्राफ्ट वाइड बॉडी करियर होते हैं।







