देश में कोयला संकट गहराता जा रहा है। कई राज्य ब्लैक आउट की आशंका जाहिर कर चुके हैं। संभावना है कि अगले कुछ दिनों में कोयला संकट कम हो सकता है। केंद्र ने मंगलवार को कहा कि सरकार अगले पांच दिनों में कोयला उत्पादन 1.94 मिलियन टन से बढ़ाकर 2 मिलियन टन प्रतिदिन करेगी। वहीं, राज्यों पर कोल इंडिया लगभग 20000 करोड़ का बकाया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारी बकाया के बावजूद किसी भी राज्य को कोयले की आपूर्ति कभी नहीं रोकी गई। केंद्र राज्यों की सभी मांगों को पूरा कर रहा है। पिछले चार दिनों में कोयले का स्टॉक बढ़ने लगा है। एक माह में स्थिति सामान्य हो जाएगी। डेली पावर और कोयले की आपूर्ति में कोई कमी नहीं।
सूत्रों ने कहा है कि कोयला मंत्रालय जनवरी से कोल इंडिया से स्टॉक लेने के लिए राज्यों को पत्र लिख रहा है, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कोल इंडिया एक सीमा तक ही स्टॉक कर सकता है क्योंकि ओवरस्टॉकिंग से कोयले में आग लग सकती है। झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में अपनी कोयला खदानें हैं लेकिन खनन बहुत कम या बिल्कुल नहीं हुआ।
States have to pay nearly Rs 20,000 crores as dues to Coal India: Government sources
— ANI (@ANI) October 12, 2021
सरकारी सूत्रों ने कहा है कि लंबे समय तक मानसून, विदेशी कोयले की कीमतों में वृद्धि के कारण भी कोयले की कमी हुई। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोयले की कीमतें कम थीं, तो राज्य और बिजली कंपनियां इसे विदेशों से खरीद रही थीं। अब जब इसकी कीमतें अधिक हैं, तो वे घरेलू कोयले की तलाश कर रही है। सूत्र ने कहा कि







