कोरोना को बढ़ते संक्रमण के बीच तेजी से वैक्सीन (COVID Vaccine) के परीक्षण का भी काम चल रहा है। भारत देश में फर्मों द्वारा तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षणों और अपने कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik V) के निर्माण के लिए रूस के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। नीती आयोग के सदस्य विनोद पॉल ने मंगलवार को कहा कि बहुत जल्द इसको लेकर डील हो सकती है।
पॉल ने एक ब्रीफिंग में कहा, “भारतीय वैज्ञानिकों ने आंकड़ों पर ध्यान दिया है। भारत की नियामक प्रणाली की आवश्यकताओं के अनुसार हम तीसरे चरण के परीक्षणों को तेज करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
रूस ने कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी को 11 अगस्त को मंजूरी दी, जिससे यह किसी भी देश की सरकार द्वारा मंजूरी मिलने वाले पहले कोविड-19 वैक्सीन हो गया। रूसी वैज्ञानिकों ने पिछले सप्ताह द लांसेट में परीक्षण के पहले और दूसरे चरण के परिणामों को प्रकाशित किया था, जिसमें दिखाया गया था कि स्पुतनिक वी सुरक्षित है। यह 21 दिनों के भीतर सभी प्रतिभागियों (परीक्षण में शामिल लोगों) में एक संतोषजनक एंटीबॉडी की निर्माण किया। आपको बता दें कि टीके के तीसरे चरण का परीक्षण पिछले सप्ताह शुरू हुआ था।
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पॉल ने आगे कहा, “रूस की सरकार ने भारत सरकार से संपर्क किया और दो मामलों में मदद मांगी। पहला, उच्च गुणवत्ता वाले टीकों के निर्माण के लिए कंपनियों के हमारे नेटवर्क की मदद, जो कि आकार, वॉल्यूम और क्षमता दुनिया में शायद दुनिया में सबसे अच्छा है। यदि आवश्यकता हो तो तीसरे चरण का परीक्षण भारत में आयोजित किए जा सकते हैं।” उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा, “भारत में कई कंपनियों से बात की गई है। तीन से चार पहले ही दिलचस्पी दिखा चुके हैं। अन्य अपने रूसी समकक्षों के साथ चर्चा कर रहे हैं और सरकार भी इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बना रही है कि कैसे संपर्क किया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि जल्द ही कुछ विशेष परिणाम सामने आ सकते हैं।







