उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रशिक्षित वैक्सीनेटर्स के माध्यम से कोविड वैक्सीन का ड्राई रन (मॉक ड्रिल) मंगलवार को किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में 6-6 स्थानों पर वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन आयोजित किए जाएंगे। इन 6 स्थानों में से 3 ग्रामीण क्षेत्र होंगे जबकि शेष 3 शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे। ड्राई रन के दौरान किसी को भी कोई वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी बल्कि केवल वैक्सीन लगाने का मॉक ड्रिल किया जाएगा।
Dry run for #COVID19 vaccine adminstration will be held across Uttar Pradesh today. pic.twitter.com/RbKhoRXI0Q
— ANI UP (@ANINewsUP) January 5, 2021
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ-साथ जिला व पुलिस प्रशासन की टीमें व इस आयोजन के लिए चिन्हित सम्बन्धित जिले की सेंटरों की टीमें शामिल होंगी। ड्राई रन सही प्रकार से हो और कहीं किसी प्रकार की चूक न हो इसके लिए वर्कशॉप कराई गई हैं। इसके अलावा कोल्ड चेन से लेकर स्टोरेज व वैक्सीन के मूवमेंट तक की पल-पल जानकारी रखी जाएगी ताकि जब वैक्सीनेशन शुरू हो तो वह पूरी तरह से त्रुटि रहित रहे।
विभागीय जानकारों का कहना है कि लखनऊ में दो दिन पूर्व हुए ड्राई रन की तर्ज पर ही बाकि सभी जिलों में ड्राई रन किया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग सत्र में अलग-अलग टीमें बनाई जाएगी जिसमें पांच टीकाकरण कर्मी तथा 25 -25 टीका लगवाने वाले लाभार्थी होंगे।
पांच चरणों में होगा ड्राई रन
सभी जिलों में ड्राई रन मुख्य रूप से पांच चरणों में होगा। पहले चरण में वैक्सीन लगवाने वाले का आइडेंटिफिकेशन होगा। उसके बाद उसके लिए वैक्सिन की वायल लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को दी जाएगी फिर वैक्सीन लगवाने वाले की आईडी लॉग इन की जाएगी और उसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीनेशन के बाद वैक्सीन लगवाने वाले को एक वैक्सीनेशन कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड में जिस दिन वैक्सीनेशन हुआ, उस दिन का विवरण और अगले 28वें दिन लगने वाली दूसरी डोज़ की तारीख अंकित होगी। वैक्सीनेशन के बाद प्रत्येक व्यक्ति को 30 मिनट तक ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा।
हर वैक्सीनेशन सेंटर पर तीन कमरे
ड्राई रन के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट का निष्पादन करने से लेकर वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति को ऑब्जरर्वेशन कमरे में रखने के बाद वैक्सीन का प्रतिकूल प्रभाव देखने और उसके सम्भावित इलाज पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा हर वैक्सीनेशन सेन्टर में तीन कमरे होंगे। इसमें पहला रूम वेटिंग रूम जिसमें लाभार्थी का वेरिफिकेशन करने के बाद उसे बैठाया जाएगा और उसका कोविड पोर्टल पर डाटा अपलोड किया जाएगा। दूसरा रूम वैक्सीनेशन रूम होगा, जहां पर संबंधित व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा। ऑब्जरवेशन में रखे गए लोगों पर नजर रखने के लिए तीसरे रूम में स्पेशलिस्ट टीम तैनात रहेगी, जिसमें डाक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ रहेंगे। जो एडवर्स इफेक्ट फालोइंग इम्युनाइजेशन किट के साथ मुस्तैद रहेंगे। वैक्सीनेशन के 30 मिनट बाद ही टीका लगवाने वाले व्यक्ति को घर भेजा जाएगा।







