कोरोना के टीकाकरण को लेकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है। दूसरे फेस के पहले दिन अब तक 17 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। Co-WIN प्लेटफॉर्म को लेकर गड़बड़ी की अफवाहों को खारिज करते हुए एम्पावर्ड ग्रुप के चेयरमैन आरएस शर्मा ने सोमवार को कहा कि सबकुठ ठीक है।
ऐसी अफवाहें थीं कि जो लोग COVID-19 टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट बुक करना चाहते हैं, उन्हें Co-WIN ऐप के बजाय Co-WIN वेबसाइट के जरिए रजिस्टर करना होगा। राष्ट्रीय हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ ने कहा कि वैक्सीन के लिए पंजीकरण केवल ‘आरोग्य सेतु’ ऐप और को-विन के पोर्टल ‘cowin.gov.in’ के माध्यम से हो रहा है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शर्मा ने कहा, “शुरुआत से ही कोई गड़बड़ नहीं हुई है। कुछ लोगों ने गलत सूचना फैला दी थी Co-WIN ऐप है। इसलिए, लोगों ने ऐप की खोज शुरू की जो कि हमारा नहीं है।” इसीलिए लोगों में कुछ भ्रम था। स्पष्ट करने के बाद कि कोई Co-WIN ऐप नहीं है, हमने रजिस्ट्रेशन के लिए आरोग्य सेतु ऐप में एक एक्सटेंशन दिया है और एक पोर्टल ‘cowin.gov.in’ की सुविधा दी है।
उन्होंने कहा कि सोमवार को कोरोनो वायरस महामारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में सुबह से लेकर अबतक 17 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रणाली ठीक काम कर रही है और कोई गड़बड़ी नहीं है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने दिल्ली के एम्स में कोवाक्सिन की पहली खुराक प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में टीके को लेकर झिझक कम करने का एक मजबूत संदेश जाएगा।
टीकाकरण लेने के बाद लोगों को दिए गए प्रमाण पत्र पर उन्होंने ने कहा, “हमने सभी को निर्देश दिया है, चाहे वह निजी हो या सार्वजनिक, जैसे ही टीकाकरण पूरा हो जाता है, मौके पर व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए। वह प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से और साथ ही आरोग्य सेतु पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।” उन्होंने कहा “लोग लिंक डाउनलोड कर सकते हैं और इसे प्रिंट भी कर सकते हैं। यह एक डिजिटली हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र होगा। प्रत्येक टीकाकरण के बाद, एक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।”
डेटा गोपनीयता और सुरक्षा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “डेटा गोपनीयता हमारे लिए भी महत्वपूर्ण है और यह एक मौलिक अधिकार है। हम सिर्फ नाम, लिंग और आयु संबंधित डेटा पूछ रहे हैं। यह अत्यंत संवेदनशील डेटा नहीं है। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। ताकि जिस व्यक्ति को कोई विशेष वैक्सीन मिले, उसे दूसरी खुराक में भी वैक्सीन मिल जाए। हमारे पास जो भी डेटा है वह सुरक्षित है। “







