कोरोना संकट के असर से जारी लॉकडाउन के बीच सोने के आयात में लगातार पांचवें महीने गिरावट देखने को मिली है.

नई दिल्लीः देश का सोने का आयात अप्रैल में लगातार पांचवे महीने गिरा है. कोविड-19 संक्रमण के चलते वैश्विक लॉकडाउन की वजह से यह 100 फीसदी गिरकर 28.3 लाख डॉलर का रहा है. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2019 में यह 39.7 अरब डॉलर था.

सोने का आयात गिरने से देश का व्यापार घाटा कम करने में मदद मिली है. देश का व्यापार घाटा अप्रैल में 6.8 अरब डॉलर रहा जो पिछले साल अप्रैल में 15.33 अरब डॉलर था. देश के सोना आयात में दिसंबर से गिरावट जारी है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोना आयातक है. देश में हर साल करीब 800 से 900 टन सोने का आयात होता है.

अप्रैल में गिरा रत्न और आभूषण का निर्यात

देश से रत्न और आभूषण का निर्यात अप्रैल में 98.74 फीसदी गिरकर 3.6 करोड़ डॉलर का रहा. वित्त वर्ष 2019-20 में देश का स्वर्ण आयात 14.23 फीसदी गिरकर 28.2 अरब डॉलर रहा जो 2018-19 में 32.91 अरब डॉलर था.

सोने का आयात देश के चालू खाते के घाटे पर बड़ा बोझ डालता है. चालू खाते के घाटे से आशय देश में विदेशी पूंजी के आने और जाने के बीच का अंतर है.

लॉकडाउन 4.0 जारी, अभी भी कई इंडस्ट्री ठप

कोरोना वायरस का असर इस कदर बड़ा है कि देश की लगभग सारी औद्योगिक गतिविधियां ठप पड़ी हुई थीं. हालांकि लॉकडाउन 4.0 जो 18 मई से शुरू हुआ है उसमें सरकार ने कई इंडस्ट्री को खोलने के लिए अनुमति दे दी है. सोने के कारोबार पर भी इसका भारी असर देखा गया है. जहां सोने का हाजिर कारोबार बंद है और सर्राफा बाजार में वीरानी छाई हुई है.

ज्वैलर्स को हो सकती है परेशानी

सोने के आयात के घटने से चालू खाते पर तो बोझ घटा है लेकिन आने वाले समय में जब सर्राफा बाजार खुलेंगे तो ज्वैलर्स को सोने की कमी से जूझना पड़ सकता है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना आयात करता है.

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