भारत से कोरोना का प्रकोप कुछ कम होता दिखाई दे रहा है। कोरोना से लंबी लड़ाई के बाद कुछ राहत की खबर आई है। केंद्र ने मंगलवार को कहा कि लगभग आधें भारत में अब केवल 5 प्रतिशत सकारात्मकता दर दर्ज की रही है। केंद्र ने यह भी कहा कि देश से कोरोना की दूसरी लहर का पीक अब जा चुका है और कोरोना का ट्रांसमिशन अब काफी हद तक स्थिर हो गया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, “आज लगभग 350 जिलों में 5 प्रतिशत से कम पॉजिटिविटी रेट देखने को मिला है और 145 जिलों में 5 से 10 प्रतिशत तक सकारात्मक दर देखी जा रही है। हालांकि, अभी भी 10% से अधिक सकारात्मकता वाले 239 जिले हैं।”

टेस्ट पॉजिटिविटी आयोजित किए गए सभी टेस्टों में से आए कुल पॉजिटिव नतीजों का प्रतिशत है । यह समुदाय के भीतर ट्रांसमिशन के स्तर को निर्धारित करने में मदद करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यदि किसी संक्रमण के दौरान उसका पॉजिटिविटी रेट लगातार दो हफ्तों तक 5 प्रतिशत के अंदर रहता है तो ऐसे में ट्रांसमिशन को स्थिर कहा जा सकता है। 

केंद्र ने कहा है कि अप्रैल के पहले सप्ताह के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में 200 से कम जिलों में 10% से अधिक सकारात्मकता थी। अप्रैल के अंत तक, यह संख्या लगभग 600 जिलों तक पहुंच गई थी।  

भार्गव ने कहा,  “हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं … परीक्षण तेजी से बढ़े हैं और साथ ही जिला स्तर पर काम किया गया है … हालांकि, यह एक स्थायी समाधान नहीं है, हमें अपनी रोकथाम, लॉकडाउन को , कंटेनमेंट जोन को बहुत धीरे-धीरे खोलना होगा।”

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा, कोरोना के पीक को गुजरे कुछ हफ्ते बीत चुके हैं. कोरोना मामलों में कमी देखी जा रही है पर हमें अपनी सावधानी नहीं छोड़नी है. मास्क पहनना है, सोशल डिस्टेंसिंग का पालम करना है और कोविड-उपयुक्त व्यवहार करना है”



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