कर्ज के बोझ तले दबी सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया पर किसका मालिकाना हक होगा, इसके लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि टाटा समूह ने एयर इंडिया के नीलामी की प्रक्रिया जीत ली है। हालांकि, अब सरकार की ओर से इस पर स्पष्टीकरण भी आ गया है। डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव ने बताया है कि मीडिया रिपोर्ट गलत हैं। सरकार के निर्णय के बारे में मीडिया को सूचित किया जाएगा। बता दें कि DIPAM वित्त मंत्रालय के अधीन आता है।
खरीदने वाले को क्या-क्या मिलेगा: सरकार की शर्तों के मुताबिक सफल बोली लगाने वाली कंपनी को एयर इंडिया के अलावा सब्सिडरी एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा। वहीं, एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा। आपको यहां बता दें कि एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है।
Media reports indicating approval of financial bids by Government of India in the AI disinvestment case are incorrect. Media will be informed of the Government decision as and when it is taken. pic.twitter.com/PVMgJdDixS
— Secretary, DIPAM (@SecyDIPAM) October 1, 2021
इसके अलावा एयर इंडिया को खरीदने वाले सफल बोलीदाता को घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लैंडिंग की मंजूरी मिलेगी। वहीं, पार्किंग आवंटनों का नियंत्रण दिया जाएगा।
ब्रांड के नाम में बदलाव नहीं: एयर इंडिया के ब्रांड नाम में कोई बदलाव नहीं होगा। मतलब ये कि सफल बोलीदाता चाह कर भी एयर इंडिया के नाम में बदलाव नहीं कर सकती है। विमान सेवा को चलाने के लिए मूल परिसंपत्ति के रूप में दिल्ली, मुंबई हवाई अड्डों पर जमीन और भवन के अलावा कॉपोरेट कार्यालय हैं। इसे सीमित अविधि के लिए टाटा समूह को दिया जाएगा।







