वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद की बैठक 17 सितंबर को लखनऊ में होगी। इस बैठक में अन्य चीजों के अलावा कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा हो सकती है। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि वित्त मंत्री 17 सितंबर को लखनऊ में जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी। उम्मीद है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर इस बैठक में चर्रचा होगी।
क्योंकि पिछले दिनों निर्मला सीतारमण ने कहा था कि केन्द्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का विकल्प खुला रखा है। ”जब कभी राज्य इसके लिये तैयार होंगे, इसे जीएसटी के तहत ला दिया जाएगा। माना जा रहा है कि जीएसटी के दायरे में आने से पेट्रोलियम पदार्थों पर कर का बोझ कुछ कम होगा और कर के ऊपर कर लगने से बचा जा सकेगा।
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जीएसटी परिषद की इससे पिछली बैठक 12 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई थी। इसमें कोविड-19 से संबंधित सामग्री पर कर की दरों को 30 सितंबर तक के लिए घटाया गया था। कोविड-19 की दवाओं रेमडेसिवीर तथ टोसिलिजुमैब के अलावा मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती की गई थी।
परिषद की 17 सितंबर को होने वाली बैठक में राज्यों को राजस्व नुकसान पर मुआवजे, कोविड-19 से जुड़े सामान पर दरों और कुछ वस्तुओं पर उलट शुल्क ढांचे पर विचार किया जा सकता है। बता दें जीएसटी रेवेन्यु कलेक्शन एक बार फिर 1 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर लिया है। अगस्त महीने में ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यु 1,12,020 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की इसी अवधि से तुलना करें तो जीएसटी राजस्व में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, जुलाई 2021 के मुकाबले अगस्त में जीएसटी कलेक्शन कम हुआ है।







