इंग्लैंड के क्रिकेटर मोइन अली के एक वीडियो को लेकर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह वह खिलाड़ी न होते तो आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े होते। उनके इस ट्वीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और लोग इसे नफरत फैलाने वाला करार दे रहे हैं। यहां तक कि इंग्लैंड की टीम ने भी मोइन अली का बचाव करते हुए तस्लीमा नसरीन पर हमला बोला है। आईपीएल के 14वें सीजन का हिस्सा बनने जा रहे मोइन अली को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के चलते तस्लीमा नसरीन बुरी तरह घिर गईं।
हालांकि आलोचनाओं के बाद अब उन्होंने सफाई देते हुए एक ट्वीट किया है। तस्लीमा नसरीन ने लिखा है, ‘नफरती लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि मोइन अली पर मेरा ट्वीट मजाकिया अंदाज में किया गया था। लेकिन उन्होंने मुझे नीचा दिखाने के लिए इसे मुद्दा बना लिया क्योंकि मैं मुस्लिम समाज को सेकुलर बनाने की कोशिश करती हूं और कट्टरता का विरोध करती हूं। मानव सभ्यता की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि महिलाओं के समर्थक वामपंथी भी महिला विरोधी इस्लामिक लोगों का समर्थन करते हैं।’ दरअसल मोइन अली ने चेन्नै सुपरकिंग्स टीम से उनकी टीशर्ट से शराब के विज्ञापन के लोगो को हटाने की अपील की थी।
If Moeen Ali were not stuck with cricket, he would have gone to Syria to join ISIS.
— taslima nasreen (@taslimanasreen) April 4, 2021
मोइल अली की अपील पर चेन्नै सुपर किंग्स ने हटाया शराब के विज्ञापन का लोगो
बता दें कि मोइन अली ने चेन्नै सुपर किंग्स के मैनेजमेंट से अपनी जर्सी से शराब के विज्ञापन वाले लोगो को हटाने की अपील की थी। उनका कहना था कि यह लोगो उनकी आस्था के खिलाफ है। उनकी अपील पर फ्रेंचाइजी की ओर से इस लोगो को हटा भी लिया गया है। बता दें कि मोइल अली दुनिया भर में खेलते हैं तो किसी भी तरह से शराब की किसी ब्रांड के प्रमोशन नहीं करते हैं। सीएसके की जर्सी पर भी एक लोगो है, जिसको वे अपनी जर्सी पर नहीं रखने वाले हैं।
Haters know very well that my Moeen Ali tweet was sarcastic. But they made that an issue to humiliate me because I try to secularize Muslim society & I oppose Islamic fanaticism. One of the greatest tragedies of humankind is pro-women leftists support anti-women Islamists.
— taslima nasreen (@taslimanasreen) April 6, 2021
मैं नमाज के लिए अंपायर से लेता हूं परमिशन, वायरल हो रहा मोइन अली का वीडियो
मोइन अली कहते हैं, ‘मेरा संदेश यह है कि यदि आप मुस्लिम हैं तो कभी हिचके नहीं। आप जहां भी हों, गर्व के साथ रहें और प्रार्थना करें। मेरी जब फील्डिंग पर रहते हुए भी इच्छा होती है कि मुझे खुदा को याद करना चाहिए तो अंपायर से कहता हूं और वह कहते हैं कि मैं दो या फिर तीन ओवर के लिए निकल सकता हूं। मेरा मानना है कि यदि आप पूरे मन से प्रार्थना करना चाहते हैं तो आपको कोई रोक नहीं सकता।’ उनके इसी वीडियो को रीट्वीट करते हुए तस्लीमा नसरीन ने लिखा था, ‘यदि मोइन अली क्रिकेट से नहीं जुड़े होते तो वह आईएसआईएस को जॉइन करने के लिए सीरिया चले गए होते।’







