भारत समेत दुनियाभर में क्रिप्टो करेंसी की उपयोगिता और असर पर बहस छिड़ी हुई है। इस बीच, रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस करेंसी को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि निजी क्रिप्टो करेंसी का आगे चलकर भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या योगदान होगा इसपर हमें ‘विश्वसनीय जवाब’ की जरूरत है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी चिंताओं से सरकार को अवगत करा दिया है। अब सरकार को इसपर गौर करना है।
जीडीपी पर क्या कहा: एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक को चालू वित्त वर्ष 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान हासिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर अगस्त तक हल्की पड़ चुकी थी। दूसरी तिमाही से तिमाही-दर-तिमाही आधार पर वृद्धि दर बेहतर रहेगी। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ने महामारी के चलते आर्थिक वृद्धि पर अधिक जोर देने का फैसला किया।
शेयर बाजार में तेजी क्यों: गवर्नर ने कहा कि वैश्विक बाजारों में लिक्विडिटी की स्थिति काफी सुगम है। इस वजह से घरेलू शेयर बाजारों में तेजी आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि संपत्ति की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति की स्थिति को प्रभावित कर रही हैं।
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एनपीए पर क्या कहा: दास ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली की गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) अब ऐसे स्तर पर आ गई है कि इनका ‘प्रबंधन’ किया जा सकता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी बफर है। जून तिमाही के अंत तक बैंकिंग प्रणाली का एनपीए अनुपात 7.5 प्रतिशत था।
दिवाला समाधान प्रक्रिया में ऋणदाताओं को भारी नुकसान के सवाल पर शक्तिकांत दास ने कहा कि आईबीसी के कामकाज में सुधार की गुंजाइश है। इनमें विधायी बदलाव के अलावा दिवाला अदालतों में किसी मामले में लगने वाला समय शामिल है।







