लगातार दूसरे महीने लोगों को महंगाई से राहत मिली है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जून में 1.81 प्रतिशत घट गई। इससे पहले मई में यह 3.21 प्रतिशत घटी थी। मुद्रास्फीति में यह गिरावट मई में ईंधन और बिजली की कीमतों में तेज गिरावट के कारण आई है, हालांकि इस दौरान खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं है। मंगलवार को सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च में थोक महंगाई दर 1 फीसदी थी, लेकिन मई में यह -3.21 पर आ गई। पिछले साल मई में यह 2.97 फीसद था।
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वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि मई में अपस्फीति की दर 3.21 फीसदी थी। मासिक WPI (थोक मूल्य सूचकांक) के आधार पर मुद्रास्फीति की वार्षिक दर, जून, 2020 के महीने में (-1.81 प्रतिशत) (अनंतिम) रही, जबकि पिछले वर्ष के इसी महीने के दौरान 2.02 प्रतिशत थी। “जून के दौरान खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 2.04 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 1.13 प्रतिशत थी।
ईंधन और बिजली में अपस्फीति जून में 13.60 प्रतिशत थी, जो मई में 19.83 प्रतिशत थी। हालांकि, मैन्यूफैक्चर्ड उत्पादों में जून में 0.08 प्रतिशत की मुद्रास्फीति देखी गई। मई में अपस्फीति 0.42 फीसदी थी। बता दें मुद्रास्फीति की विपरीत स्थिति को अवस्फीति कहते हैं। इसमें मुद्रा का मूल्य बढ़ता है यानी कीमतें घटती हैं। उत्पादन तथा रोजगार घटने के साथ साथ कीमतें गिरतीं हैं।







