गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के पीछे हटने की खबरों के बीच चीन ने सोमवार को कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव और तनातनी खत्म करने को लेकर दोनों सेनाओं के बीच प्रगति हुई है। पूर्वी लद्दाख में तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों में कमांडर स्तर की बातचीत के छह दिन बाद चीन ने यह बयान दिया है। हालांकि, चीनी विदेश मंत्रालय ने यह विस्तार से नहीं बताया कि छह दिनों में क्या-क्या प्रगति हुई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, ”चीन और भारत के सैनिकों में 30 जून को कमांडर स्तर की बातचीत हुई। दो दौर की वार्ता में बनी सहमित पर दोनों पक्ष अमल कर रहे हैं।” उनसे भारतीय मीडिया में आई उन खबरों पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी, जिनमें कहा गया है कि चीनी सैनिक पीछे हटे हैं। 

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झाओ ने कहा, ”अग्रिम पंक्ति की सेनाओं में प्रगति हुई है, तनातनी और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कमद उठाए जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष चीन की ओर बढ़ेगा और ठोस कार्रवाई के माध्यम से आम सहमति को लागू करेगा और सीमा क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर संवाद कायम रखेगा।”

चीन की यह प्रतिक्रिया भारतीय मीडिया में आई उन खबरों के कुछ ही घंटों के भीतर आई है, जिनमें कहा गया है कि चीनी सैनिक गलवान घाटी में झड़प वाले स्थान से 1.5 किलोमीटर पीछे चले गए हैं। 15 जून को यहां दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। चीन ने भी स्वीकार किया कि उसके सैनिक भी मारे गए हैं, लेकिन उसने हताहतों की संख्या का खुलास नहीं किया है। 

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने सोमवार को नई दिल्ली में हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, ”पीएलए के सैनिक झड़प वाले स्थान से 1-1.5 किलोमीटर पीछे चले गए हैं।” बताया गया कि पीएलए ने कमांडर स्तर की बातचीत में पीछे हटने पर सहमित दी थी। पीएलए को पेट्रोलिंग पॉइंट 14 से टेंट और ढांचों को हटाते हुए देखा गया है।





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