फिच रेटिंग्स ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा प्राकृतिक गैस की कीमतों में 62 प्रतिशत की वृद्धि से देश में तेल एवं प्राकृतिक गैस कंपनियों की लाभप्रदता बढ़ेगी और उनके निवेश संबंधी खर्च में मदद मिलेगी। सरकार द्वारा पेट्रोलियम कंपनियों मुख्य रूप से ऑयल एंड नैचुरल गैस लि. (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) को सौंपे गए क्षेत्रों से मिलने वाले गैस की कीमत अक्टूबर, 2021-मार्च 2022 के लिए बढ़ाकर 2.90 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) कर दी गयी। यह पिछले छह महीनों में 1.79 डॉलर प्रति इकाई थी।

घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की आपूर्ति कुछ क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर की जाती है, जिसमें से वित्त वर्ष 2020-21 में 30 प्रतिशत का बिजली उत्पादकों ने उपभोग किया। लगभग 27 प्रतिशत उर्वरक क्षेत्र ने और 19 प्रतिशत शहरी गैस वितरण कंपनियों ने उपभोग किया। रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि गैस की कीमतों में वृद्धि के साथ कार्यशील पूंजी की जरूरतें बढ़ने से उर्वरक क्षेत्र का मुनाफा प्रभावित होगा।

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गैस की कीमतों में वृद्धि के बावजूद वाहन गैस ईंधन की कीमत तरल ईंधन के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनी रहेगी, भले ही अंतर कम हो। ऐसा इसलिए है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए हाल के महीनों में तरल वाहन ईंधन की कीमतें भी बढ़ रही हैं। गैस आधारित विद्युत संयंत्रों द्वारा उत्पादित बिजली की लागत में वृद्धि होगी, जिससे उनका इस्तेमाल और कम होगा।



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