केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरब सागर से उठ रहे चक्रवात निसारगा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद उन्होंने, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों विजय रूपाणी और उद्धव ठाकरे और दादरा-नागर हवेली और दमण-दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के साथ क्रमशः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें कीं। अमित शाह ने उन्हें सभी प्रकार से केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया है। 

इससे पहले समीक्षा बैठक के दौरान शाह ने आपदा प्रबंधन दलों को गुजरात और महाराष्ट्र सरकार की हरसंभव मदद के दिशा-निर्देश दिए थे। बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय सहित एनडीएमए, एनडीआरएफ, कोस्ट गार्ड और आईएमडी के उच्चाधिकारी शामिल रहे। बैठक में बताया गया कि एनडीआरएफ ने राहत एवं बचाव कर्मियों के 31 दलों को तैनात किया है। गुजरात में एनडीआरएफ के 13 दल तैनात किए गए हैं, जिनमें से दो रिजर्व में है। 

महाराष्ट्र में 16 दल, जिनमें 7 रिजर्व में है। वहीं, दो दलों को केंद्र शासित प्रदेश दमण-दीव और दादर नागर हवेली में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ दल लोगों को तटीय इलाकों से बाहर निकालने में जुटे हैं। दूरसंचार, बिजली और स्वास्थ्य सेवा विभाग के दलों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

गुजरात में तटीय इलाके खाली कराए जा रहे
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने चक्रवात के मद्देनजर सोमवार को गांधीनगर में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। रूपाणी ने कहा कि सभी जिला कलेक्टर को निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है। भावनगर और अमरेली के साथ इन पांच जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है जबकि अन्य जिलों को सतर्क रहने के लिए कहा। स्थिति पर नजर रखने के लिए गांधीनगर में एक नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया गया है। चक्रवात से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की तैनाती के साथ एसडीआरएफ की पांच दल को तैयार रखे गए हैं।





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